{"_id":"588af6be4f1c1b9e7dcf5555","slug":"snow-storm-buried-country-amar-jawan","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्फीले तूफान में शहीद हो गए देश के ये ‘अमर जवान’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्फीले तूफान में शहीद हो गए देश के ये ‘अमर जवान’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 28 Jan 2017 07:41 AM IST
विज्ञापन
गुरेज में हिमस्खलन के कारण 10 जवान शहीद, कई लापता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
26 जनवरी को जब पूरा देश गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहा था उसी समय भारत मां का एक जवान बर्फीले तूफान से जंग लड़ रहा था। जम्मू कश्मीर के बांदीपोरा के गुरेज सेक्टर में हिमस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में सेना के 10 जवान शहीद हो गए। इन शहीद जवानों में एक फर्रुखाबाद का आजाद सिंह यादव (30) भी शामिल है। वह रोहिला मोहल्ला मोहम्मदाबाद के रहने वाले थे। घरवालों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही फोन पर हुई बातचीत में आजाद ने हिमस्खलन शुरू होने की चर्चा की थी।
हिमस्खलन में सेना की गुरेज सेक्टर की एक आर्मी कैंप को नुकसान हुआ था जिसके बाद सेना के जवानों के बर्फ में दब जाने की खबर मिली थी। इस दौरान सेना द्वारा जारी एक रेस्कयू ऑपरेशन में एक जेसीओ और 6 जवानों को बर्फ के नीचे से निकालकर बचा लिया गया था। इसी ऑपरेशन में अब तक सेना के 3 जवानों के शवों को निकाला जा सका है। वहीं एक दूसरे हिमस्खलन में इसी पोस्ट की ओर जा रही सेना की एक पेट्रोलिंग पार्टी के लापता होने की सूचना मिली थी जिसके बाद भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। खराब मौसम के कारण हो रही दिक्कतों के बीच सेना ने अब तक 7 जवानों के शवों को खोजा है। जानकारी के मुताबिक ये सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है।
फर्रुखाबाद में शोक की लहर
जवान के शहीद होने की सूचना से पूरे फर्रुखाबाद जिले में शोक की लहर दौड़ गई। रोहिला स्थित आजाद के घर उनके परिवारवालों को सांत्वना देने शहरवासी पहुंच रहे हैं। शहीद का शव कल तक घर पहुंचते की संभावना है। लोगों ने नम आंखों से गुरेज सेक्टर हिमस्खलन में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। आजाद सिंह यादव भारतीय सेना के तोपखाना रेजीमेन्ट में नायक के पद पर कार्यरत थे। साल 2005 में आजाद ने आर्मी ज्वाइन की थी। घर में उनकी पत्नी के अलावा दो छोटी बेटियां भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमस्खलन में सेना की गुरेज सेक्टर की एक आर्मी कैंप को नुकसान हुआ था जिसके बाद सेना के जवानों के बर्फ में दब जाने की खबर मिली थी। इस दौरान सेना द्वारा जारी एक रेस्कयू ऑपरेशन में एक जेसीओ और 6 जवानों को बर्फ के नीचे से निकालकर बचा लिया गया था। इसी ऑपरेशन में अब तक सेना के 3 जवानों के शवों को निकाला जा सका है। वहीं एक दूसरे हिमस्खलन में इसी पोस्ट की ओर जा रही सेना की एक पेट्रोलिंग पार्टी के लापता होने की सूचना मिली थी जिसके बाद भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। खराब मौसम के कारण हो रही दिक्कतों के बीच सेना ने अब तक 7 जवानों के शवों को खोजा है। जानकारी के मुताबिक ये सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है।
विज्ञापन
फर्रुखाबाद में शोक की लहर
जवान के शहीद होने की सूचना से पूरे फर्रुखाबाद जिले में शोक की लहर दौड़ गई। रोहिला स्थित आजाद के घर उनके परिवारवालों को सांत्वना देने शहरवासी पहुंच रहे हैं। शहीद का शव कल तक घर पहुंचते की संभावना है। लोगों ने नम आंखों से गुरेज सेक्टर हिमस्खलन में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। आजाद सिंह यादव भारतीय सेना के तोपखाना रेजीमेन्ट में नायक के पद पर कार्यरत थे। साल 2005 में आजाद ने आर्मी ज्वाइन की थी। घर में उनकी पत्नी के अलावा दो छोटी बेटियां भी हैं।
विज्ञापन