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सर्प आसन से छूमंतर हो जाएगा कमर-पीठ का दर्द, ये है सही तरीका
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 25 May 2017 09:22 AM IST
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‘स्वयं को जानो योगोत्सव के पहले दिन सर्प आसन और योगनिद्रा के बारे में दी जानकारी
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सुबह सोकर उठने के बाद एकदम से बिस्तर से नहीं उतरना चाहिए, पहले पेट के बल लेटकर धीरे-धीरे अपने सिर को उठाएं। कमर तक का हिस्सा उठ जाने के बाद फिर धीरे-धीरे सिर नीचे लाएं और फिर करवट लेकर धीरे से बिस्तर से उतरें। रोजाना यह क्रिया (सर्प आसन) करने से कमर और पीठ दर्द नहीं होगा।
कानपुर के कान्हा गैलेक्सी हॉल जीटी रोड में बुधवार से शुरू हुए ‘स्वयं को जानो योगोत्सव 2017’ के पहले दिन स्वामी शिवराजानंद सरस्वती और स्वामी कैवल्यानंद सरस्वती ने कमर दर्द से निजात पाने के लिए भुजंग आसन (सर्प आसन) के बारे में बताया।
बिहार योग विद्यालय, विश्व योग पीठ मुंगेर और अमर उजाला की ओर से आयोजित योगोत्सव में स्वामी कैवल्यानंद सरस्वती ने बताया कि प्राणायाम, कपालभाति योग नहीं हैं। जिस प्रकार आंख, नाक, कान शरीर के अंग हैं, ठीक उसी प्रकार ये भी योग का हिस्सा हैं। आसन कोई व्यायाम नहीं है। यह एक अवस्था है। स्वामी जी ने योगनिद्रा के बारे में बताया और करके भी दिखाया। बताया कि आधा घंटे की योगनिद्रा चार घंटे की नींद के बराबर होती है। इसे करने से शरीर में स्फूर्ति आ जाती है।
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स्वामी शिवराजानंद सरस्वती ने बताया कि गुरुवार को भी सुबह 6 से 8 और शाम 6 से 8 बजे तक योग सिखाया जाएगा। आठ साल से अधिक आयु वाले सभी लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। प्रवेश निशुल्क है। आपको एक आसनी (बैठने वाली) साथ में लानी होगी। बुधवार को हुए शिविर में लोगों को अंग वस्त्र (टी शर्ट आदि) भी बांटे गए।
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कानपुर के कान्हा गैलेक्सी हॉल जीटी रोड में बुधवार से शुरू हुए ‘स्वयं को जानो योगोत्सव 2017’ के पहले दिन स्वामी शिवराजानंद सरस्वती और स्वामी कैवल्यानंद सरस्वती ने कमर दर्द से निजात पाने के लिए भुजंग आसन (सर्प आसन) के बारे में बताया।
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बिहार योग विद्यालय, विश्व योग पीठ मुंगेर और अमर उजाला की ओर से आयोजित योगोत्सव में स्वामी कैवल्यानंद सरस्वती ने बताया कि प्राणायाम, कपालभाति योग नहीं हैं। जिस प्रकार आंख, नाक, कान शरीर के अंग हैं, ठीक उसी प्रकार ये भी योग का हिस्सा हैं। आसन कोई व्यायाम नहीं है। यह एक अवस्था है। स्वामी जी ने योगनिद्रा के बारे में बताया और करके भी दिखाया। बताया कि आधा घंटे की योगनिद्रा चार घंटे की नींद के बराबर होती है। इसे करने से शरीर में स्फूर्ति आ जाती है।
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स्वामी शिवराजानंद सरस्वती ने बताया कि गुरुवार को भी सुबह 6 से 8 और शाम 6 से 8 बजे तक योग सिखाया जाएगा। आठ साल से अधिक आयु वाले सभी लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। प्रवेश निशुल्क है। आपको एक आसनी (बैठने वाली) साथ में लानी होगी। बुधवार को हुए शिविर में लोगों को अंग वस्त्र (टी शर्ट आदि) भी बांटे गए।