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बूचड़खाना बंदी : भूखे रहने काे मजबूर हुए बब्बर शेर- शेरनी सहित सैकड़ाें जानवर

Fri, 24 Mar 2017 05:43 PM IST
सुहेल खान, अमर उजाला कानपुर
सुहेल खान, अमर उजाला कानपुर Updated Fri, 24 Mar 2017 05:43 PM IST
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slaughter house baned effects lions
याेगी अादित्यनाथ, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश

अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई का असर कानपुर जू के बब्बर शेर-शेरनी अाैर इटावा लायन सफारी के शेरों पर भी देखा जा रहा है। शेरों को उनके मुताबिक गोश्त नहीं मिल पा रहा। जहां इटावा में शेराें काे जिंदा रखने के लिए बकरे का गोश्त दिया जा रहा है। जबकि कानपुर जू के जानवर गुरूवार काे भूखे रहे। यहां बुधवार को बीफ (भैंस का मांस) की व्यवस्था हो गई थी लेकिन गुरुवार को मीट न मिलने से शेर-शेरनी, तेंदुआ, बाघ, सियार और लकड़बग्घा समेत करीब 100  मांसाहारी जानवर दिन भर भूखे रहे। जू प्रशासन ने मुर्गे का गोश्त (चिकन) मंगवाया लेकिन बब्बर शेर-शेरनी ने थोड़ा सा चखकर उसे छोड़ दिया। गुरुवार को कानपुर जू पहुंचे वन विभाग के प्रमुख सचिव संजीव सरन ने चिंता जताई और उन्नाव में यांत्रिक स्लॉटर हाउस से मीट मंगवाकर जानवरों की खुराक पूरी करने के निर्देश दिए। कानपुर प्राणि उद्यान के मांसाहारी जानवरों के लिए 180 किलो मीट की रोजाना जरूरत होती है।

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शुक्रवार से कानपुर चिड़ियाघर, लखनऊ चिड़ियाघर और इटावा की लॉयन सफारी में मीट की आपूर्ति कराई जाएगी। दिन भर खाना न मिलने से जू के मांसाहारी जानवर सुस्त रहे। इसके अलावा प्रमुख सचिव ने जू की झील को दोबारा साफ कराने के निर्देश दिए हैं। जू के उप निदेशक केवल प्रसाद और पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह को प्रमुख सचिव ने निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बच्चों की बाल ट्रेन के संचालन की जानकारी हासिल की। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह से पशुओं के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी हासिल की। इसके बाद वह मोतीझील में होने वाले कार्यक्रम में चले गए।

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गोश्त सप्लॉयर ने बताई अपनी परेशानी
इटावा में गोश्त सप्लाई करने वाले ठेकेदार कहते हैं कि अभी तक शेरों के लिए पड्डे (भैंस) का गोश्त उपलब्ध कराया जाता था। लेकिन वो गोश्त नहीं मिल पाने की वजह से शेरों के लिए हर दिन 50 किलो बकरे का गोश्त भेजा जा रहा है। ठेकेदार के मुताबिक इससे उन्हें बहुत घाटा हो रहा है, लेकिन शेर भूखे ना मरे, इसलिए वो बकरे का गोश्त उपलब्ध करा रहे हैं।


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लायन सफारी में 3 जोड़े शेर-शेरनी, दो शावक
बता दें कि इटावा मुलायम सिंह यादव परिवार का गढ़ माना जाता रहा है। इटावा को टूरिस्ट मैप पर जगह देने के लिए ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां लायन सफारी का ड्रीम प्रोजेक्ट शुरू किया। इस समय सफारी में तीन जोड़े शेर-शेरनी हैं. हाल ही मे शेरनी जेसिका ने दो शावकों- सुल्तान और संभा को भी जन्म दिया।

 

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