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छह हजार डॉक्टर, सिर्फ छह ने किया रक्तदान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2016 12:45 AM IST
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उर्सला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान करतीं आईएमए अध्यक्ष प्रो. आरती लालचंदानी साथ में मौजूद सीएमओ डा.आरपी यादव व अन्य।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। शहर के डॉक्टर दूसरों के लिए नजीर नहीं बन सके। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान और डॉक्टर्स डे पर शुक्रवार को उर्सला ब्लड बैंक में महज छह डॉक्टरों ने ही रक्तदान किया। इनमें भी 61 साल उम्र की अध्यक्ष प्रो. आरती लाल चंदानी और 50 साल उम्र की सचिव डॉ. अर्चना भदौरिया को डॉक्टरों का सम्मान रखने के लिए आगे आना पड़ा। दोनों के साथ उर्सला ब्लड बैंक के डॉ. एसके मिश्र ने रक्तदान किया। आईएमए आफिस के कर्मचारी और नर्सिंग होमों के स्टाफ के आगे आने पर 10 यूनिट रक्तदान हो सका।
शहर में आईएमए से तकरीबन 2250 डॉक्टर जुड़े हैं। इसके अलावा आईएमए से अलग एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होमियोपैथी समेत अन्य विधाओं के डॉक्टरों को जोड़ लिया जाए तो संख्या छह हजार से ज्यादा हो जाती है। करीब एक पखवारे पहले आईएमए ने रक्तदान का निर्णय लिया था। सभी डॉक्टरों को रोजाना एसएमएस से याद भी दिलाया गया लेकिन शुक्रवार को उर्सला ब्लड बैंक में गिनती के 12 लोग पहुंचे। इनमें आठ डॉक्टर और चार कर्मचारी थे। डॉ. प्रेमनाथ ज्यादा उम्र होने और डॉ. विकास मिश्रा नस न मिलने के कारण रक्तदान नहीं कर पाए।
नहीं खत्म हो रही डॉक्टरों के बीच की गुटबाजी
शहर के डॉक्टरों के बीच की गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। आईएमए के ज्यादातर कार्यक्रमों में दूसरे गुट के डॉक्टर गायब रहते हैं। काफी समय बाद आईएमए की कॉलेज आफ जनरल प्रैक्टिसनर्स (सीजीपी) के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का ऑडिटोरियम नहीं मिला। सूत्रों का कहना है कि आईएमए का ब्लड डोनेशन कैंप पहले मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में होना था लेकिन वहां इसकी अनुमति नहीं मिली। यदि कैंप मेडिकल कॉलेज में होता तो जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंटों के भरोसे रक्तदान बढ़ जाता।
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आईएमए ने दी गलत जानकारी
आईएमए के ब्लड डोनेशन कैंप में छह डॉक्टरों समेत दस लोगों ने रक्तदान किया लेकिन मीडिया में भेजी गई सूचना में रक्तदाताओं की संख्या 16 बताई गई। सिर्फ अध्यक्ष प्रो. आरती लाल चंदानी, सचिव डॉ. अर्चना भदौरिया, उपाध्यक्ष डॉ. बृजेंद्र शुक्ला, डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. शशिकांत मिश्रा और डॉ. आशीष विश्वास ने ही रक्तदान किया। बाकी चार कर्मचारी थे। इससे पहले सीएमओ डॉ. रामायण प्रसाद यादव ने कैंप का शुभारंभ किया।
डॉक्टरों का सम्मान कैंप में देखे गए मरीज
डॉक्टर्स डे पर शुक्रवार को शहर में डॉक्टरों का सम्मान हुआ। पर्यावरण सुरक्षा संस्थान ने आरोग्य धाम के तत्वावधान में ग्वालटोली में सम्मान समारोह का आयोजन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकृष्ण दीक्षित, राष्ट्रीय महामंत्री विमल शुक्ल, प्रदेश अध्यक्ष संदीप मिश्र ने डॉ. हरिराम अग्रवाल, डॉ. हेमंत मोहन, डॉ. आरती मोहन, डॉ. विनीत द्विवेदी, डॉ. मनीष विश्नोई, डॉ. राहुल गुप्ता, डॉ. संतोष तिवारी, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. अली अब्बास, डॉ. रवींद्र शुक्ला को सम्मानित किया। इस दौरान शालिनी कपूर, धर्मेंद्र पांडेय, विवेक मिश्रा, प्रमोद पांडेय, विजय गौड़, अनूप चौधरी, तरनजीत सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, पुनर्नवा आयुर्वेद आयुर्वेदिक हॉस्पिटल पंचकर्म एवं क्षार सूत्र सेंटर लखनपुर में आयोजित कैंप में फिस्चूला, फिशर और पाइल्स समेत कई बीमारियों के मरीजों का परीक्षण कर परामर्श दिया गया। डॉ. बीएस कटियार ने कहा कि महिलाओं और युवतियों में अनियमित जीवनशैली से फिस्चूला, फिशर और पाइल्स की दिक्कत बढ़ रही है। कैंप में डॉ. स्मिता कटियार, डॉ. पवन सिंह आदि मौजूद रहे।
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शहर में आईएमए से तकरीबन 2250 डॉक्टर जुड़े हैं। इसके अलावा आईएमए से अलग एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होमियोपैथी समेत अन्य विधाओं के डॉक्टरों को जोड़ लिया जाए तो संख्या छह हजार से ज्यादा हो जाती है। करीब एक पखवारे पहले आईएमए ने रक्तदान का निर्णय लिया था। सभी डॉक्टरों को रोजाना एसएमएस से याद भी दिलाया गया लेकिन शुक्रवार को उर्सला ब्लड बैंक में गिनती के 12 लोग पहुंचे। इनमें आठ डॉक्टर और चार कर्मचारी थे। डॉ. प्रेमनाथ ज्यादा उम्र होने और डॉ. विकास मिश्रा नस न मिलने के कारण रक्तदान नहीं कर पाए।
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नहीं खत्म हो रही डॉक्टरों के बीच की गुटबाजी
शहर के डॉक्टरों के बीच की गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। आईएमए के ज्यादातर कार्यक्रमों में दूसरे गुट के डॉक्टर गायब रहते हैं। काफी समय बाद आईएमए की कॉलेज आफ जनरल प्रैक्टिसनर्स (सीजीपी) के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का ऑडिटोरियम नहीं मिला। सूत्रों का कहना है कि आईएमए का ब्लड डोनेशन कैंप पहले मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में होना था लेकिन वहां इसकी अनुमति नहीं मिली। यदि कैंप मेडिकल कॉलेज में होता तो जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंटों के भरोसे रक्तदान बढ़ जाता।
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आईएमए ने दी गलत जानकारी
आईएमए के ब्लड डोनेशन कैंप में छह डॉक्टरों समेत दस लोगों ने रक्तदान किया लेकिन मीडिया में भेजी गई सूचना में रक्तदाताओं की संख्या 16 बताई गई। सिर्फ अध्यक्ष प्रो. आरती लाल चंदानी, सचिव डॉ. अर्चना भदौरिया, उपाध्यक्ष डॉ. बृजेंद्र शुक्ला, डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. शशिकांत मिश्रा और डॉ. आशीष विश्वास ने ही रक्तदान किया। बाकी चार कर्मचारी थे। इससे पहले सीएमओ डॉ. रामायण प्रसाद यादव ने कैंप का शुभारंभ किया।
डॉक्टरों का सम्मान कैंप में देखे गए मरीज
डॉक्टर्स डे पर शुक्रवार को शहर में डॉक्टरों का सम्मान हुआ। पर्यावरण सुरक्षा संस्थान ने आरोग्य धाम के तत्वावधान में ग्वालटोली में सम्मान समारोह का आयोजन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकृष्ण दीक्षित, राष्ट्रीय महामंत्री विमल शुक्ल, प्रदेश अध्यक्ष संदीप मिश्र ने डॉ. हरिराम अग्रवाल, डॉ. हेमंत मोहन, डॉ. आरती मोहन, डॉ. विनीत द्विवेदी, डॉ. मनीष विश्नोई, डॉ. राहुल गुप्ता, डॉ. संतोष तिवारी, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. अली अब्बास, डॉ. रवींद्र शुक्ला को सम्मानित किया। इस दौरान शालिनी कपूर, धर्मेंद्र पांडेय, विवेक मिश्रा, प्रमोद पांडेय, विजय गौड़, अनूप चौधरी, तरनजीत सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, पुनर्नवा आयुर्वेद आयुर्वेदिक हॉस्पिटल पंचकर्म एवं क्षार सूत्र सेंटर लखनपुर में आयोजित कैंप में फिस्चूला, फिशर और पाइल्स समेत कई बीमारियों के मरीजों का परीक्षण कर परामर्श दिया गया। डॉ. बीएस कटियार ने कहा कि महिलाओं और युवतियों में अनियमित जीवनशैली से फिस्चूला, फिशर और पाइल्स की दिक्कत बढ़ रही है। कैंप में डॉ. स्मिता कटियार, डॉ. पवन सिंह आदि मौजूद रहे।