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Kanpur News: जेके जूट मिल की संपत्तियों की खरीद के लिए छह कंपनियों ने दिखाई रुचि

Sun, 11 Jan 2026 02:13 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 02:13 AM IST
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Six companies have shown interest in purchasing the assets of JK Jute Mill.
कानपुर। जेके जूट मिल की संपत्तियों की खरीद के लिए छह कंपनियों ने रुचि दिखाई है। सिंहानिया ग्रुप की यदु इंटरनेशनल समेत गोविंद सारडा के भाई घनश्याम सारडा की कंपनी भी रेस में शामिल है। मिल की कानपुर और बिहार में संपत्तियां हैं। 12 जनवरी को बिड खुलेगी। इससे 2000 के करीब कर्मचारियों का 132 करोड़ के बकाया भुगतान होने की उम्मीद जगी है। मार्च 2014 से मिल में तालाबंदी है। मिल का मामला नेशनल कंपनी लाॅ अपीलेट ट्रिब्यूनल में चल रहा है। इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (आईआरपी) ने पिछले साल मिल की संपत्तियों पर कब्जा भी ले लिया था।
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2007 से पहले तक मिल का प्रबंधन जेके ग्रुप करता था। यहां पर जूट के बोरों का उत्पादन किया जाता था। 2007 में सारडा ग्रुप ने इसका प्रबंधन अपने हाथों में ले लिया। ग्रुप ने मिल आठ मार्च 2014 को बंद कर दी। तत्कालीन राज्यपाल ने सितंबर 2016 में तालाबंदी को अवैध घोषित करते हुए 180 दिनों के लिए इसे अवैध घोषित करने का आदेश जारी किया था लेकिन इसका मिल प्रमोटर ने पालन नहीं किया। तब जेके जूट मिल मजदूर मोर्चा कानपुर ने नेशनल कंपनी लाॅ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में अपील दाखिल की। इसके बाद एनसीएलटी से जनवरी 2024 में इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (आईआरपी) गठन का आदेश दिया गया था।
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मिल के प्रमोटर गोविंद शारडा ने नेशनल कंपनी लाॅ अपीलेट ट्रिब्यूनल नई दिल्ली में एनसीएलटी इलाहाबाद के फैसले पर रोक लगाने के लिए याचिका दाखिल की थी जिस पर 30 अप्रैल 2025 को सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने प्रमोटर की याचिका खारिज कर दी थी और आईआरपी दीपक कुमार अग्रवाल को नियुक्त कर दिया था। श्रमिकों का दावा स्वीकार करने की भी इजाजत दी गई थी।
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जेके जुट मिल मजदूर मोर्चा के महामंत्री राजू प्रसाद ने बताया कि एनसीएलटी की ओर से नियुक्त आईआरपी की निगरानी में जेके जूट मिल के पुनरुद्धार के लिए एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट (ईओआई) को निकाला गया था। छह कंपनियों ने जेके जूट मिल के पुनरुद्धार के लिए रुचि दिखाई है। सोमवार को बिड खोली जाएंगी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले मिल के श्रमिकों का बकाया वेतन, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी का भुगतान कराया जाएगा। मिल की संपत्तियां कानपुर और बिहार के अलग-अलग शहरों में हैं। शहर के कालपी रोड में मिल स्थित है। ये 10.50 एकड़ में फैली है। इसके अलावा 2700 वर्गमीटर के कई बंगले हैं। बिहार में भी मिल है। 2018 में आईडीबीआई बैंक ने इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 345 करोड़ रुपये आंकी थी। अब इसकी कीमत 700 करोड़ के करीब होने का अनुमान है।

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इन कंपनियों ने दिखाई रुचि
विज़न कॉम्पटेक इंटीग्रेटर लिमिटेड (घनश्याम सारडा ग्रुप), प्लैटिना रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, गाजियाबाद, ओडिशा मेटालिंक्स प्राइवेट लिमिटेड (रश्मि ग्रुप), यदु इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (सिंहानिया ग्रुप), शाइन स्टार बिल्ड-कैप प्राइवेट लिमिटेड (पेसफिन ग्रुप), रोहित कुमार देवरा, (आरके देवरा ग्रुप, असम)।
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