फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   SIT sought proof of innocence from history sheeter Ramkhilavan lawyers sides had filed separate complaints

Kanpur: एसआईटी ने हिस्ट्रीशीटर रामखिलावन से मांगे बेगुनाही के सुबूत, वकीलों के पक्षों ने अलग-अलग की थी शिकायत

Sun, 09 Feb 2025 05:50 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 09 Feb 2025 05:50 PM IST
सार

Kanpur News: सूत्रों के मुताबिक नवाबगंज थाने में फर्जी दस्तावेज बनाने, धोखाधड़ी करके जमीन बेचने के मामले में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया था। इसमें रामखिलावन को मास्टरमाइंड बताया गया था।

विज्ञापन
SIT sought proof of innocence from history sheeter Ramkhilavan lawyers sides had filed separate complaints
सांकेतिक - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में नवाबगंज के ख्योरा कटरी में जमीनों का खेल पुराना है। इस खेल में यहां हत्याएं तक हो चुकी हैं। बीते माह एक और शिकायत पुलिस तक पहुंची। शिकायत करने वाला हिस्ट्रीशीटर है और अधिवक्ताओं के साथ मिलकर जमीनों का बड़ा कारोबार करता है। उसका आरोप है कि बेशकीमती जमीनों के कारण उसे कई मामलों में फंसाया गया, जिसके चलते वह हिस्ट्रीशीटर बन गया। आरोपों की जांच के लिए ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने एसआईटी गठित की थी।

विज्ञापन

आरोप सही हैं या गलत, इसकी जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी ने उससे बेगुनाही के दस्तावेज मांगे हैं। नवाबगंज के ख्यौरा निवासी रामखिलावन के मामले में वकीलों के दो पक्षों ने बीते माह अलग-अलग शिकायत की थी। एक का आरोप था कि वह भूमाफिया और हिस्ट्रीशीटर है, जबकि दूसरे पक्ष का दावा था कि उसे 50 बीघा जमीन के कारण फंसाया जा रहा है। इसके बाद ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर विपिन मिश्रा ने इस मामले में एसआईटी जांच के आदेश दिए।

विज्ञापन

पुलिस ने जांच की और रामखिलावन को दोषी बताया
सूत्रों के मुताबिक नवाबगंज थाने में फर्जी दस्तावेज बनाने, धोखाधड़ी करके जमीन बेचने के मामले में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया था। इसमें रामखिलावन को मास्टरमाइंड बताया गया था। वहीं, मामले में एक महिला की ओर से दर्ज कराया गया था। मामले में कर्नलगंज पुलिस ने जांच की और रामखिलावन को दोषी बताया। मामला कोर्ट पहुंचा तो बचाव पक्ष ने दलील दी कि रामखिलावन ने न तो जमीन खरीदी है और न बेची है।

अग्रिम जमानत मिल गई थी
उसके खाते से न तो पैसा लिया गया है और न ही दिया गया है। उक्त प्रकरण में वह गवाह भी नहीं है। इसके बाद अपर जिला जज 23 के न्यायालय से उसे अग्रिम जमानत मिल गई। कोर्ट से जमानत मिलने के करीब दो माह बाद उसे इसी मामले में पुलिस ने एक धारा बढ़ाकर गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया। जेल में रहने के दौरान उसके खिलाफ आगजनी का मामला दर्ज हुआ। सूत्रों ने बताया कि रामखिलावन पर एक के बाद एक दर्ज हो रहे मामलों को लेकर उसका परिवार अधिवक्ताओं के साथ पुलिस कमिश्नर से मिला था। इसके बाद इस मामले में एसआईटी जांच के आदेश दिए गए थे।

विज्ञापन

एक प्रकरण की प्राथमिक जांच में गलत शिकायत सामने आई थी। इसके बाद सभी मुकदमों की पारदर्शी जांच के लिए एसआईटी बनाई गई। जांच चल रही है। -विपिन मिश्रा, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed