एसआईटी के हाथ लगे इफ्तिखारुद्दीन की तकरीरों के 65 वीडियो, वीडियो की स्क्रिप्ट तैयार करने में जुटी टीम
एसआईटी के अध्यक्ष डीजी सीबीसीआईडी शुक्रवार को एडीजी जोन आवास पहुंचे। यहां उनकी टीम ने आधा दर्जन लैपटॉप के जरिये सभी वीडियो की जांच कर स्क्रिप्ट बनाने का काम शुरू किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मामले की जांच कर ही एसआईटी के अध्यक्ष डीजी सीबीसीआईडी शुक्रवार को एडीजी जोन आवास पहुंचे। यहां उनकी टीम ने आधा दर्जन लैपटॉप के जरिये सभी वीडियो की जांच कर स्क्रिप्ट बनाने का काम शुरू किया। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी को जो वीडियो मिले हैं, उनमें आधे घंटे से लेकर पांच से दस सेकंड तक के वीडियो शामिल हैं।
टीम के सदस्य एक-एक कर सभी को सुनकर उसमें क्या बोला गया है, इसे नोट कर दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। यह काम शनिवार सुबह तक पूरा होने की संभावना है। इसमें जिस नाम-पते या व्यक्ति का जिक्र मिलेगा, एसआईटी उनका बयान दर्ज करेगी। इसके अलावा टीम ने तकरीर करने वाले दूसरे शख्स की तलाश की शुरू कर दी है।
आईएएस मोहम्मद इफ्तिखरुद्दीन के संपर्क में बांदा का एक कारोबारी भी थी। वह आईएएस की पाठशाला के लिए फंड और लोगों को जोड़ने का काम करता था। इसकी जानकारी के बाद एसआईटी उसके बारे में पता लगा रही है। एसआईटी को सूचना देने वालों में वे लोग शामिल हैं, जो आईएएस के कार्यकाल में खुलकर सामने नहीं आए थे।
अब जांच शुरू होने पर एसआईटी को सूचनाएं दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में एसआईटी को जानकारी मिली है कि हथकरघा समितियां चलाने वाला बांदा का एक कारोबारी मोहम्मद इफ्तिखरुद्दीन का करीबी था। वह उनकी किताबें छपवाने, इस्लाम का प्रचार-प्रसार करने के लिए फंड एकत्रित करने और धर्मांतरण के लिए लोगों की तलाश करता था।
इस कारोबारी ने दो लोगों का धर्मपरिवर्तन कराने में भी इफ्तिखारुद्दीन की मदद ली थी। अधिकारियों ने निर्देश दिए है कि बांदा के इस कारोबारी का सत्यापन कराने के साथ दोनों लोगों को खोजा जाए, ताकि उनके भी बयान जांच में शामिल किए जा सकें।
वायरल वीडियो की जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसे जांच में शामिल किया जाएगा। सात दिन के अंदर शासन को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
जीएल मीणा, एसआईटी अध्यक्ष व डीजी सीबीसीआईडी