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Kanpur News: शादियों के लिए सिल्क की साड़ियां बनीं पहली पसंद
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कानपुर। चार फरवरी से शुरू हो रही शादियाें के चलते शहर का कपड़ा बाजार ग्राहकों से गुलजार होने लगा है। सिल्क की साड़ियां सबसे ज्यादा पसंद की जा रही हैं। ठंड कम होने से गर्म कपड़ों की मांग घटी है। अयोध्या में रामलला की मूर्ति स्थापना की दूसरी वर्षगांठ, वसंत पंचमी और गणतंत्र दिवस के लिए भी बाजार में ग्राहकों की रौनक देखने को मिल ही है। रामलला की मूर्तियों, पताका की अच्छी मांग है।
शहर के थोक कपड़ा बाजार जनरलगंज, नौघड़ा, बजाजा में बाहर जिलों का व्यापारी भी आ रहा है। सहालगी मांग के चलते कपड़ों की अच्छी खरीदारी भी हो रही है। कानपुर कपड़ा कमेटी के निदेशक रुमित सिंह सागरी ने बताया कि सिल्क साड़ियों की बहुत अच्छी मांग है। सिल्क बनारसी पैटर्न, फैंडी, टिशू सिल्क, जैकार्ड सिल्क इस बार सबसे ज्यादा पसंदीदा बना हुआ है। सरारा की भी मांग देखी जा रही है। ग्राहक सिल्क के कुर्ता पायजामा की भी मांग कर रहे हैं। सहालगी मांग से बाजार में ग्राहक बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी पर शहर में बड़ी संख्या में तिरंगा यात्राएं निकाली जाने लगी हैं। इसके लिए केसरिया, सफेद और हरे रंग के साटन कपड़ों की मांग है। झंडा, तिरंगा पगड़ी बनाने में भी साटन कपड़ों का इस्तेमाल किया जाता है।
चौक में ध्वज, पताका व्यापारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को अयोध्या में रामलला मूर्ति स्थापना की दूसरी वर्षगांठ है। इसके लिए ध्वज पताका, भगवा झंडी आदि की मांग देखी जा रही है। मूर्ति व्यापारी राकेश कुमार ने बताया कि वसंत पंचमी के लिए सरस्वती की मूर्तियां तैयार की गई हैं। इनकी मांग भी बाजार में अच्छी दिख रही है। फोटो फ्रेम करने वाले दिलीप कुमार ने बताया कि रामदरबार, अयोध्या में लगी रामलला की मूर्ति जैसी फोटो फ्रेम वाले चित्रों की बाजार में अच्छी मांग है।
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शहर के थोक कपड़ा बाजार जनरलगंज, नौघड़ा, बजाजा में बाहर जिलों का व्यापारी भी आ रहा है। सहालगी मांग के चलते कपड़ों की अच्छी खरीदारी भी हो रही है। कानपुर कपड़ा कमेटी के निदेशक रुमित सिंह सागरी ने बताया कि सिल्क साड़ियों की बहुत अच्छी मांग है। सिल्क बनारसी पैटर्न, फैंडी, टिशू सिल्क, जैकार्ड सिल्क इस बार सबसे ज्यादा पसंदीदा बना हुआ है। सरारा की भी मांग देखी जा रही है। ग्राहक सिल्क के कुर्ता पायजामा की भी मांग कर रहे हैं। सहालगी मांग से बाजार में ग्राहक बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी पर शहर में बड़ी संख्या में तिरंगा यात्राएं निकाली जाने लगी हैं। इसके लिए केसरिया, सफेद और हरे रंग के साटन कपड़ों की मांग है। झंडा, तिरंगा पगड़ी बनाने में भी साटन कपड़ों का इस्तेमाल किया जाता है।
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चौक में ध्वज, पताका व्यापारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को अयोध्या में रामलला मूर्ति स्थापना की दूसरी वर्षगांठ है। इसके लिए ध्वज पताका, भगवा झंडी आदि की मांग देखी जा रही है। मूर्ति व्यापारी राकेश कुमार ने बताया कि वसंत पंचमी के लिए सरस्वती की मूर्तियां तैयार की गई हैं। इनकी मांग भी बाजार में अच्छी दिख रही है। फोटो फ्रेम करने वाले दिलीप कुमार ने बताया कि रामदरबार, अयोध्या में लगी रामलला की मूर्ति जैसी फोटो फ्रेम वाले चित्रों की बाजार में अच्छी मांग है।
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