जाम ने ली जान: बीमार नवजात को अस्पताल ले जा रहा था दंपती, मां की गोद में बच्ची ने तोड़ा दम
यूपी के हमीरपुर में दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बीमार नवजात बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल लेकर जा रहे परिजन जाम में फंस गए। बच्ची ने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया।
विस्तार
कानपुर देहात के अमरौधा से नवजात बच्ची को इलाज के लिए ले जा रहे दंपती कानपुर सागर हाईवे के जाम में फंस गए। बाइक से दंपती यमुना पुल तक पहुंचे ही थे कि बच्ची की मौत हो गई, जिससे शव वापस लेकर घर लौट गए। कानपुर-सागर हाईवे पर आए दिन लगने वाला जाम लोगों की मौत का कारण बन रहा है। शनिवार सुबह 11 बजे से शुरू हुआ जाम रुक-रुक कर रविवार दोपहर तक लगा रहा।
कानपुर देहात के अमरौधा क्षेत्र के किसवा गांव निवासी संदेश पत्नी अनीता के साथ अपनी एक माह की बीमार बच्ची आध्या को रविवार सुबह 11.30 बजे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जा रहे थे, तभी जाम में फंस गए। समय से इलाज न मिल पाने के कारण नवजात ने यमुना पुल के पास दम तोड़ दिया। दंपती शव लेकर वापस घर चले गए। संदेश ने बताया कि बेटी शनिवार से दूध नहीं पी रही थी। उसको सांस लेने में परेशानी हो रही थी। पहले उसको मूसानगर में दिखाया, जहां से डॉक्टर ने कानपुर ले जाने की सलाह दी। बताया कि कानपुर की ओर भी जाम लगा था। बेटी का जन्म उसने अपनी बहन की सलाह पर हमीरपुर जिला अस्पताल में कराया था।
कानपुर-सागर हाईवे पर जाम होने से लोगों को आए दिन जूझना पड़ रहा है। मार्च के 10 दिनों में छह दिन हाईवे पर जाम रहा। इससे निजात दिलाने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कानपुर से कबरई तक टू-लेन कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन जाम लगता है। हमीरपुर में मौरंग व महोबा के कबरई में गिट्टी के कारोबार के चलते इस पर ट्रकों का आवागमन रहता है। इसके अलावा अन्य वाहनों समेत 24 घंटे में करीब 10 हजार से अधिक इनकी संख्या रहती है। ज्यादा वाहनों के हिसाब से हाईवे चौड़ा नहीं है। इस वजह से यह समस्या बार-बार होती है। वहीं, यमुना बेतवा पुल आए दिन ट्रकों की खराबी या किसी अन्य कारणों से यातायात रुकने पर जाम की स्थिति हो जाती है।
शनिवार को बेतवा पुल के पास स्थित भाजपा कार्यालय से निकाली गई 35 बसों व दुर्गा मोड़ के पास से एक नेता का काफिला रुकने से जाम लग गया। वाहनों के आड़े-तिरछे होने की वजह से यह स्थिति शनिवार 11 बजे से रविवार 12 बजे तक रही, जिससे रुक-रुक कर वाहन रेंगते रहे। लोगों को घंटों देरी से अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
ट्रक चालक लाला ने बताया कि जाम ने परेशान कर दिया है। मिनटों की दूरी तय करने में घंटों का समय लग रहा है। शनिवार रात 2:30 बजे घाटमपुर में थे, जिसके बाद 10 बजे हमीरपुर पहुंच सके। जाम के कारण 22 किमी दूरी तय करने में सात घंटे से अधिक का समय लग गया।
आए दिन होती समस्या
ट्रक चालक अरविंद ने बताया कि इस हाईवे पर जाम आए दिन रहता है। कहीं वाहनों में खराबी के कारण तो कहीं कोई अन्य कारण जाम का कारण बनते हैं। हाईवे चौड़ा होने के साथ डिवाइडर बनने पर ही इससे निजात मिल सकती है। जाम पार करने में 10 घंटे का समय लगा। इतने में दो चक्कर महोबा के लग जाते।
कबरई से कानपुर जा रहा गिट्टी लदा ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे पर पलट गया, जिससे चालक घायल हो गया। घायल को एंबुलेंस से पीएचसी लाया गया। जहां इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया। घाटमपुर निवासी ट्रक चालक रमेश (40) कबरई से गिट्टी लादकर कानपुर जा रहा था। तभी रविवार सुबह करीब सात बजे नरायनपुर कुंदौरा के बीच हाईवे पर ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। रमेश घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस से ट्रक से निकालकर एंबुलेंस से पीएचसी भेजा। जहां इलाज के बाद चालक को घर भेज दिया गया।
बोले जिलाधिकारी
कानपुर-सागर हाईवे पर यमुना पुल केे पास जाम की समस्या रहती है। यमुना नदी पर सामानांतर पुल का निर्माण चल रहा है। सेतु निगम और लोनिवि के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई, जिससे पुल के निर्माण की प्रगति की समीक्षा कर कार्य में तेजी लाई जाएगी। पुल बनते ही जाम की समस्या सेे निजात मिलेगी। - राहुल पांडेय, जिलाधिकारी, हमीरपुर
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