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Shuklaganj: पुराना गंगापुल मरम्मत योग्य नहीं है, यातायात चालू नहीं हो सकता, तीन सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण

Thu, 16 May 2024 08:44 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शुक्लागंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शुक्लागंज Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 16 May 2024 08:44 PM IST
सार

लखनऊ से प्रमुख सचिव के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने शुक्लागंज पहुंचकर पुराना गंगापुल का निरीक्षण किया। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

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Shuklaganj: Old Ganga bridge is not repairable, traffic cannot start
पुराना गंगापुल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोठियां जर्जर होने से वर्ष 2021 से यातायात के लिए बंद पुराने गंगापुल का लखनऊ से प्रमुख सचिव के निर्देश पर गुरुवार को दोपहर तीन सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद टीम के सदस्यों ने कहा कि पुराना गंगापुल मरम्मत योग्य नहीं है, इस पर यातायात चालू नहीं हो सकता। विचार विमर्श के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

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तीन सदस्यीय टीम में शामिल चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी कानपुर जोन संजीव भारद्वाज, प्रबंध निदेशक सेतु निगम लखनऊ धरम वीर सिंह व मुख्य अभियंता सेतु निगम सलिल यादव गुरुवार को यहां पहुंचे। पैदल व मोटरबोट से बालूघाट के पुराने गंगापुल के 22 नंबर कोठी से लेकर कानपुर छोर पर 10 नंबर कोठी तक निरीक्षण किया। टीम ने पिलर नंबर 10,14, 16, 21 व 22 की फोटोग्राफी के साथ वीडियोग्राफी भी कराई। टीम के सदस्यों ने बताया कि उन्हें प्रमुख सचिव के निर्देश पर भेजा गया है। निरीक्षण में यह देखा जा रहा है कि पुल मरम्मत योग्य है अथवा नहीं, उस पर हल्के वाहन चलाए जा सकते हैं या नहीं।

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उधर, निरीक्षण के बाद चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी संजीव भारद्वाज ने बताया कि पुल का पिलर नंबर 10 पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इसमें बीच में मोटी दरार पड़ने के साथ ही एक हिस्सा ढह चुका है। इसके अलावा पिलर नंबर 22, 21, 14 में भी दरारें पड़ने के साथ प्लास्टर उखड़ चुका है। प्रथम दृष्टया कहा जा सकता है कि पुराने गंगापुल आवागमन नहीं हो सकता और नहीं इसकी मरम्मत कराई जा सकती है। क्योंकि अब यह मरम्मत योग्य नहीं है। पुल बेकार हो चुका है, इस सवाल पर कहा कि यह अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है। टीम के सदस्य निरीक्षण के बाद आपस में विचार विमर्श के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचेंगे। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। निरीक्षण के बाद टीम के सदस्य कानपुर सरसैया घाट की ओर रवाना हो गए। इस दौरान एई सेतु निगम धर्मेंद्र कुमार व एके सागर आदि मौजूद रहे।

पुल मियाद पूरी कर चुका है, सीआरआरआई से जांच कराना व्यर्थ
मुख्य अभियंता सेतु निगम सलिल यादव ने बताया की पुल काफी पुराना है। अपनी मियाद भी पूरी कर चुका है। एक पुल की मियाद 100 साल होती है, पुराना गंगापुल डेढ़ सौ साल का हो चुका है। इस तरह 50 साल अधिक पुल पर वाहनों को चलाया गया। उन्होंने बताया कि जब पुल मरम्मत योग्य लग ही नहीं रहा है तो फिर सीआरआरआई से जांच कराना व्यर्थ ही समझा जाएगा। जांच में लगभग दो करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। यदि जांच कराई जाती है तो यह धनराशि व्यर्थ साबित होगी।

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