MBBS छात्रों से मिले शिवपाल, कहा-‘किसी के साथ अन्याय नहीं होगा’
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उन्होंने छात्रों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। एक एमबीबीएस छात्र की मां की मौत के बाद छात्रों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर तोड़फोड़ की थी। उधर, कुलपति आवास में की गई तोड़फोड़ एवं पथराव की घटना में अज्ञात 200 एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से छात्रों में रोष है।
मामले में जांच कराकर कार्रवाई के लिए कहा
छठवें दिन एमबीबीएस के छात्र धरने पर बैठे। दोपहर 12.30 बजे क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव ने पीडब्लूडी गेस्ट हाउस सैफई में सभी छात्रों को बुलाया। उनसे लगभग एक घंटे बातचीत की। उसके बाद उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय नहीं होगा। पूरे मामले में जांच कराकर कार्रवाई के लिए कहा। छात्रों से विधायक शिवपाल सिंह की बातचीत के दौरान मीडिया और अन्य किसी को गेस्ट हाउस में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद सभी छात्र फिर धरनास्थल पर जाकर बैठक गए।
शाम लगभग 4.30 बजे छात्रों ने अपने टेंट कनात समेट लिए। धरना समाप्त कर दिया। धरना समाप्त होने के बाद एसडीएम सैफई सिद्धार्थ, सीओ सैफई अंजनी कुमार चतुर्वेदी एमबीबीएस छात्रों के हास्टल में गए। उनके रहने-खाने, बिजली, साफ सफाई की समस्या देखी। सबको ठीक कराने का भरोसा दिलाया।
हास्टल में कर्मचारियों से कहा गया कि बीच-बीच में कभी भी प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी हास्टल में निरीक्षण करने आ सकते हैं। छात्रों की जो मांगे थीं उनको शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। छात्रों ने कुलपति की पत्नी गीता प्रभाकर की ओर से 200 एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर का भी मुद्दा उठाया। छात्रों ने कहा कि उत्पीड़न नहीं सहेंगे।
छात्रों की समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक होगा विचार: कुलपति
छात्रों के उत्पीड़न में कुलपति और डॉक्टर शामिल: शिवपाल
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या यहां छात्रों के उत्पीड़न की है। छात्रों को धमकियां भी दी जाती हैं। अन्य समस्याएं भी सामने आई हैं। छात्रों को न्याय दिलाया जाएगा। छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। 200 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के मामले में उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय मिलेगा। इसकी निष्पक्ष जांच होगी। किसी छात्र का उत्पीड़न नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह सही है कि सैफई विश्वविद्यालय के बजट में कटौती की गई है। इसके बाद भी अस्पताल में दवाइयां हैं, मशीनें हैं।
सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां मरीज इसीलिए आता है कि यहां अच्छी सुविधाएं हैं। इसके बाद भी एमबीबीएस छात्र की मां की मौत होना दुखद है। यदि देखभाल हो जाती सही से इलाज हो जाता तो उनकी जान बच जाती। सारे बिंदुओं पर अधिकारियों से चर्चा हुई है। जांच में सभी बातें साफ हो जाएंगी।
200 छात्रों के खिलाफ दर्ज हुई है एफआईआर