Sewa Cafe: विश्वविद्यालय में गुजरात की तर्ज पर खुलेगा सेवा कैफे, जरूरतमंदों की मदद के लिए होगी सुविधा
सीएसजेएमयू में जल्द ही सेवा कैफे खोला जाएगा। यहां बुजुर्गों, बीमारों की सेवा करने के साथ ही बुक बैंक, क्लाथ बैंक आदि की सुविधा होगी। साथ ही, कैफे में पेशेंट केयरिंग यूनिट भी बनेगी। इसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के वालंटियर्स सदस्य होंगे।
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कानपुर में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के छात्रों को सेवा का भाव सिखाने के लिए संस्थान में सेवा कैफे खोला जाएगा। गुजरात मॉडल की तर्ज पर विवि का सेवा कैफे भी जरूरतमंदों की मदद करेगा। कैफे के सदस्य अस्पतालों में भर्ती मरीज या घरों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की जरूरत पड़ने पर सेवा करेंगे। कैफे में बुक बैंक, क्लाथ बैंक जैसी सुविधाएं होंगी। छात्रों को सेवा भाव का प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
विवि में छात्रों को पढ़ाई के साथ अब सेवा का भी पाठ पढ़ाया जाएगा। कुलपति के निर्देश पर विवि कैंपस में दिसंबर में सेवा कैफे की स्थापना की जाएगी, जिसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। कैफे में मानवता से जुड़े अलग-अलग संदेश होंगे। छात्रों को रोजाना कम से कम एक काम करना होगा। छात्र किसी एक गरीब को खाना खिलाना, सड़क किनारे बैठे किसी व्यक्ति की मदद करना जैसे कार्य कर सकते हैं।
महाविद्यालय विकास परिषद के निदेशक व राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक प्रो. आरके द्विवेदी ने बताया कि सीएसजेएमयू प्रदेश का पहला विवि होगा, जहां सेवा कैफे की स्थापना की जाएगी। यह कैफे पहले विवि, फिर महाविद्यालय और फिर समाज स्तर पर काम करेगा। इसमें छात्रों को सेवा भाव का पाठ पढ़ाया जाएगा। यह कैफे छात्रों में जातिवाद, धर्मवाद जैसे भेदभाव की भावना खत्म होगी और आपसी भाईचारा बढ़ेगा।
कैफे में बनेगी पेशेंट केयरिंग यूनिट
कैफे में एक पेशेंट्स केयरिंग यूनिट भी बनाई जाएगी, जिसमें एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) के वालंटियर्स सदस्य होंगे। ये छात्र अस्पतालों में जरूरत पड़ने पर मरीजों की देखभाल करेंगे। इसकी शुरुआत विवि कैंपस से की जाएगी। इसके अलावा बुक बैंक और क्लाथ बैंक की मदद से छात्र व कर्मचारी जरूरत पड़ने पर अपनी समस्या का निस्तारण कर सकेंगे।