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ग्राम पंचायत से लेकर अमेरिका के चुनाव पर भी सटोरियों की नजर
Fri, 09 Oct 2020 12:38 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 09 Oct 2020 12:38 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
सटोरिये पुलिस की हर हरकत पर नजर रखते थे। पुलिस के गुडवर्क से लेकर प्रेसनोट तक एकत्रित कर बुकी से लेकर खेलने वालों तक को भेजकर सतर्क करते थे। सूत्रों के अनुसार सट्टे के इस खेल में पुलिस कर्मी की भी भूमिका रहती थी।
इसके चलते स्थानीय पुलिस हाथ नहीं डालती थी। उनके मोबाइल पर आईपीएल के अलावा ग्राम पंचायत चुनाव से लेकर यूएसए में होने वाले चुनाव पर भी सट्टा लगाने की बात सामने आई है।
कइयों का पैसा मार जाते हैं बुकी
डीआईजी ने बताया कि मोबाइल कारोबारी अशोक कुमार व सौरभ गुप्ता एप के जरिये सट्टा खिलवाते थे। नसीम वसूली करता था। एक सटोरिये ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि बुकी की पुलिस से सेटिंग होती है।
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जब बड़ी रकम का भुगतान करना होता है तो अपने परिचित पुलिस वालों को भेजकर छापा मरवा देते हैं और सामने वाले को बता देते हैं कि पुलिस ने पैसा पकड़ लिया है। इस तरह कई सटोरियों का बुकी पैसा भी हजम कर जाते हैं।
कई सटोरियों को थाने से छोड़ने का आरोप
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने 10 सटोरियों को उठाया था। इसमें अधिवक्ता और नेता भी थे। देर रात पैरवी करने वालों ने थाने के बाहर हंगामा किया था। इसके बाद पुलिस ने तीन लोगों को छोड़ दिया था। डीआईजी का कहना है कि जिनका सट्टे से लेनादेना नहीं, उन्हें छोड़ा गया है।
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इसके चलते स्थानीय पुलिस हाथ नहीं डालती थी। उनके मोबाइल पर आईपीएल के अलावा ग्राम पंचायत चुनाव से लेकर यूएसए में होने वाले चुनाव पर भी सट्टा लगाने की बात सामने आई है।
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कइयों का पैसा मार जाते हैं बुकी
डीआईजी ने बताया कि मोबाइल कारोबारी अशोक कुमार व सौरभ गुप्ता एप के जरिये सट्टा खिलवाते थे। नसीम वसूली करता था। एक सटोरिये ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि बुकी की पुलिस से सेटिंग होती है।
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जब बड़ी रकम का भुगतान करना होता है तो अपने परिचित पुलिस वालों को भेजकर छापा मरवा देते हैं और सामने वाले को बता देते हैं कि पुलिस ने पैसा पकड़ लिया है। इस तरह कई सटोरियों का बुकी पैसा भी हजम कर जाते हैं।
कई सटोरियों को थाने से छोड़ने का आरोप
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने 10 सटोरियों को उठाया था। इसमें अधिवक्ता और नेता भी थे। देर रात पैरवी करने वालों ने थाने के बाहर हंगामा किया था। इसके बाद पुलिस ने तीन लोगों को छोड़ दिया था। डीआईजी का कहना है कि जिनका सट्टे से लेनादेना नहीं, उन्हें छोड़ा गया है।