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लखनऊ के सीरियल किलर भाइयों का मामला: पेशी दोबारा शुरू कराने को टीटीई से की थी मारपीट
Fri, 22 Nov 2019 12:27 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 22 Nov 2019 12:27 AM IST
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सीरियल किलर सोहराब
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ के सीरियल किलर भाई सलीम, रुस्तम और सोहराब ने पेशी दोबारा शुरू कराने के लिए बड़ी साजिश रची। इसी के तहत कुछ साल पहले इन्होंने कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर एक टीटीई से मारपीट की। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इन्हें फिर से पेशी पर आने का मौका मिलने लगा। सोहराब और रुस्तम बुधवार को इसी मामले में पेशी पर आए थे।
हालांकि रुस्तम के साथ आई दिल्ली पुलिस ने शहर की पुलिस से जानकारी साझा नहीं की थी, इस कारण केवल सोहराब के आने की पुष्टि हुई थी। दरअसल, लखनऊ में पेशी बंद होने के बाद ये लोग छटपटाने लगे थे, क्योंकि पेशी के दौरान ही मौका पाकर ये लोगों से रंगदारी मांगते हैं और अय्याशी करते हैं। सोहराब को मंगलवार को फर्रुखाबाद और बुधवार को कानपुर में पेशी के बाद लखनऊ ले जाया गया।
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हालांकि रुस्तम के साथ आई दिल्ली पुलिस ने शहर की पुलिस से जानकारी साझा नहीं की थी, इस कारण केवल सोहराब के आने की पुष्टि हुई थी। दरअसल, लखनऊ में पेशी बंद होने के बाद ये लोग छटपटाने लगे थे, क्योंकि पेशी के दौरान ही मौका पाकर ये लोगों से रंगदारी मांगते हैं और अय्याशी करते हैं। सोहराब को मंगलवार को फर्रुखाबाद और बुधवार को कानपुर में पेशी के बाद लखनऊ ले जाया गया।
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लखनऊ पुलिस ने ऐशबाग स्थित श्री होटल में अय्याशी करते उसे गिरफ्तार किया था। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि कुछ साल पहले तीनों भाइयों की पेशी केवल वीडियो कांफ्रेंसिंग से होती थी। बादशाही नाका के रंगदारी मांगने के मामले में कानपुर कोर्ट ने सजा सुनाई थी। कानपुर से तिहाड़ जाते समय तीनों भाइयों ने एक टीटीई को पीट दिया था। तभी से दोनों की दोबारा पेशी शुरू हो गई।
एसपी के मुताबिक रुस्तम की फर्रुखाबाद में पेशी नहीं थी, इसलिए वह दिल्ली से सीधे कानपुर आया। सोहराब कानपुर से पहले रवाना हो गया था, जबकि रुस्तम व उसके साथ मौजूद पुलिस वाले एक होटल में खाना खाने लगे। इसके कुछ देर बाद ही पता चला कि सोहराब गिरफ्तार हो गया है तो रुस्तम लखनऊ के ऐशबाग थाने पहुंचा। इनकी लखनऊ में गुरुवार को पेशी थी।
एसपी के मुताबिक रुस्तम की फर्रुखाबाद में पेशी नहीं थी, इसलिए वह दिल्ली से सीधे कानपुर आया। सोहराब कानपुर से पहले रवाना हो गया था, जबकि रुस्तम व उसके साथ मौजूद पुलिस वाले एक होटल में खाना खाने लगे। इसके कुछ देर बाद ही पता चला कि सोहराब गिरफ्तार हो गया है तो रुस्तम लखनऊ के ऐशबाग थाने पहुंचा। इनकी लखनऊ में गुरुवार को पेशी थी।
कानपुर पुलिस ने सोहराब की साजिश में किया सेंध
एसपी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि सूचना थी कि कानपुर में पेशी के दौरान सोहराब लखनऊ के व्यापारी से 20 लाख की रंगदारी लेने वाला है। ऐसे में तिहाड़ जेल से सोहराब के निकलने के बाद से ही ट्रेस किया जा रहा था। बुधवार सुबह दिल्ली पुलिस ने पुलिस लाइन में संपर्क कर गाड़ी मंगाई। उसके बाद कोर्ट आया।
पुलिस को इंतजार था कि वह व्यापारी को फोन करेगा, लेकिन उसने नहीं किया। शायद उसे भनक लग गई थी। इसलिए यहां से निकल गया। अगर वह व्यापारी से पैसा मांगता तो रंगेहाथ दबोचा जाता। हालांकि लखनऊ पुलिस ने कानपुर पुलिस के इनपुट पर ही उसे होटल से पकड़ा है। पुलिस पता कर रही है कि सीरियल किलर का कोई साथी कानपुर में तो नहीं।
अपराधियों को मिला दिल्ली पुलिस का साथ
सोहराब के साथ मौजूद दिल्ली पुलिस के जवान भी होटल में मौज कर रहे थे। इसलिए लखनऊ पुलिस ने दिल्ली पुलिस वालों को भी गिरफ्तार किया है। वहीं रुस्तम के साथ जो पुलिसकर्मी थे वो भी उसी के इशारे पर चल रहे थे। कानपुर आने के बाद उन्होंने शहर पुलिस को जानकारी तक नहीं दी और पेशी के बाद यहां से चले गए। एक तरह से दिल्ली पुलिस इन कुख्यात अपराधियों के साथ मिली हुई है।
एसपी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि सूचना थी कि कानपुर में पेशी के दौरान सोहराब लखनऊ के व्यापारी से 20 लाख की रंगदारी लेने वाला है। ऐसे में तिहाड़ जेल से सोहराब के निकलने के बाद से ही ट्रेस किया जा रहा था। बुधवार सुबह दिल्ली पुलिस ने पुलिस लाइन में संपर्क कर गाड़ी मंगाई। उसके बाद कोर्ट आया।
पुलिस को इंतजार था कि वह व्यापारी को फोन करेगा, लेकिन उसने नहीं किया। शायद उसे भनक लग गई थी। इसलिए यहां से निकल गया। अगर वह व्यापारी से पैसा मांगता तो रंगेहाथ दबोचा जाता। हालांकि लखनऊ पुलिस ने कानपुर पुलिस के इनपुट पर ही उसे होटल से पकड़ा है। पुलिस पता कर रही है कि सीरियल किलर का कोई साथी कानपुर में तो नहीं।
अपराधियों को मिला दिल्ली पुलिस का साथ
सोहराब के साथ मौजूद दिल्ली पुलिस के जवान भी होटल में मौज कर रहे थे। इसलिए लखनऊ पुलिस ने दिल्ली पुलिस वालों को भी गिरफ्तार किया है। वहीं रुस्तम के साथ जो पुलिसकर्मी थे वो भी उसी के इशारे पर चल रहे थे। कानपुर आने के बाद उन्होंने शहर पुलिस को जानकारी तक नहीं दी और पेशी के बाद यहां से चले गए। एक तरह से दिल्ली पुलिस इन कुख्यात अपराधियों के साथ मिली हुई है।