अयोध्या विवाद पर फैसले से पहले मिली असलहों की खेप,12 हजार में खरीद इतने में बेचते थे एक पिस्टल
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उत्तर प्रदेश में हरदोई के संडीला में एसटीएफ द्वारा असलहों की खेप पकड़े जाने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। पांच तस्करों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इनका पूरा नेटवर्क पता लगाने में जुटी है। एसटीएफ को कई अहम जानकारियां पकड़े गए शातिरों ने पूछताछ में दी हैं।
सूत्रों के मुताबिक असलहों की आई खेप में चार असलहे आजमगढ़ के बृजेश और रवि यादव को सप्लाई होने थे। इसके अलावा तस्करों के सरगना सौरभ यादव ने बताया कि वह मध्यप्रदेश के करतार सिंह से असलहे मंगवाकर गौरव, सद्दाम और केहर यादव के माध्यम से यूपी के अलग-अलग शहरों में सप्लाई करता था। करतार सिंह उसे 12 हजार रुपये में पिस्टल देता था जिसे वह इन तीनों के जरिये 25 हजार रुपये में बेचता था।
अयोध्या विवाद पर कोर्ट के आने वाले फैसले से पहले यूपी एसटीएफ की कार्रवाई में पकड़ी गई असलहों की खेप के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं। गैंग ने अब तक यूपी के किन-किन शहरों में असलहों की सप्लाई की है और इनको खरीदने वालों का मकसद क्या हैं, इसका जवाब तलाशने में एजेंसियां जुट गईं हैं। खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है। वह भी तस्करों से जानकारियां जुटा रहा है। मध्यप्रदेश से लेकर आजमगढ़ के बीच में तस्करों का हरदोई कनेक्शन भी तलाशा जा रहा है।
एमपी में खरगोन की पहाड़ियां हैं गढ़
यूपी एसटीएफ के हत्थे चढ़े असलहा सप्लायर ने कई राज खोले हैं। असलहों की खेप देने आए सप्लायर आकाश डाबर ने एसटीएफ को बताया है कि वह तो छोटा मोहरा है। अवैध असलहों का असली सौदागर मध्यप्रदेश के बड़वानी का करतार सिंह है। पुलिस के मुताबिक आकाश डाबर ने बताया है कि मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की पहाड़ियों पर असलहे तैयार होते हैं।
इन्हें करतार सिंह सप्लाई करता है। आकाश यूपी के विभिन्न जिलों में करतार सिंह के बताए पते पर असलहों की खेप पहुंचा देता है। इसके बदले उसे पांच हजार रुपये प्रति चक्कर मिलता है। वह असलहों की खेप देने संडीला आया था। कुछ ख़राब पिस्टल बदली भी जानी थी। पुलिस और एसटीएफ की टीमें करतार सिंह की तलाश में जुटी हैं।