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फर्म के बजाए दूसरे खातों में सचिव ने कराया भुगतान
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पुखरायां। विकास खंड मलासा के सिथरा खुर्द, सिथरा बुजुर्ग, ततारपुर, पचलख और कुंवपुर के पूर्व प्रधानों ने सचिव की शिकायत डीएम व सीडीओ से की है। प्रधानों ने सचिव पर आरोप लगाया है कि उन्होंने विकास कार्यों पर खर्च हुए रुपयों का भुगतान संबंधित व्यक्ति को न कराकर दूसरों के खाते में भेज दिया।
सिथरा खुर्द के पूर्व प्रधान रामऔतार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020 में ग्रामपंचायत में हैंडपंप रीबोर, इंटर लॉकिंग सहित विकास कार्य करवाया था। जिसका दिसंबर में ऑनलाइन भुगतान कराया गया था। जो किसी कारण से रिजेक्ट हो गया था। 25 दिसंबर को प्रधान पद का कार्यकाल समाप्त हो गया। उसी समय प्रशासक नियुक्त होने पर एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी को बिल बाउचर सौंप दिए थे। जिसका भुगतान अभी तक नहीं कराया गया। इस पर फर्म मालिक उनसे तगादा कर रहे हैं।
भुगतान की जानकारी करने पर पता चला कि 11 किस्तों में छह लाख रुपये का भुगतान अन्य खातों में ट्रांसफर कर ग्राम पंचायत अधिकारी ने स्वयं भुगतान कर लिया है। वहीं सिथरा बुजुर्ग की पूर्व प्रधान फूलमती ने एक लाख 77 हजार रुपये और पचलख के पूर्व प्रधान नरेंद्र कुमार ने 19 हजार 980 रुपये का भुगतान ग्राम पंचायत अधिकारी की ओर से दूसरे खाते में कराने की शिकायत की है।
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ततारपुर के पूर्व प्रधान चरन सिंह ने बताया कि विकास कार्य के दो लाख 64230 रुपये ग्राम पंचायत अधिकारी ने दूसरे खातों में 12 जून को भुगतान करा लिया। इससे संबंधित फर्म को भुगतान नहीं हो सका।
कुंवरपुर के पूर्व प्रधान नरेश राठौर ने बताया कि 77561 रुपये ग्रामपंचायत अधिकारी ने संबंधित फर्म के बजाए दूसरे खाते में ट्रांसफर करा दिए हैं। वहीं पूर्व प्रधानों का मानदेय भी रुका हुआ है। जिसकी शिकायत सभी पूर्व प्रधानों ने जिलाधिकारी व सीडीओ से की है। भुगतान कराए जाने के साथ जांच कराए जाने की मांग की है।
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सिथरा खुर्द के पूर्व प्रधान रामऔतार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020 में ग्रामपंचायत में हैंडपंप रीबोर, इंटर लॉकिंग सहित विकास कार्य करवाया था। जिसका दिसंबर में ऑनलाइन भुगतान कराया गया था। जो किसी कारण से रिजेक्ट हो गया था। 25 दिसंबर को प्रधान पद का कार्यकाल समाप्त हो गया। उसी समय प्रशासक नियुक्त होने पर एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी को बिल बाउचर सौंप दिए थे। जिसका भुगतान अभी तक नहीं कराया गया। इस पर फर्म मालिक उनसे तगादा कर रहे हैं।
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भुगतान की जानकारी करने पर पता चला कि 11 किस्तों में छह लाख रुपये का भुगतान अन्य खातों में ट्रांसफर कर ग्राम पंचायत अधिकारी ने स्वयं भुगतान कर लिया है। वहीं सिथरा बुजुर्ग की पूर्व प्रधान फूलमती ने एक लाख 77 हजार रुपये और पचलख के पूर्व प्रधान नरेंद्र कुमार ने 19 हजार 980 रुपये का भुगतान ग्राम पंचायत अधिकारी की ओर से दूसरे खाते में कराने की शिकायत की है।
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ततारपुर के पूर्व प्रधान चरन सिंह ने बताया कि विकास कार्य के दो लाख 64230 रुपये ग्राम पंचायत अधिकारी ने दूसरे खातों में 12 जून को भुगतान करा लिया। इससे संबंधित फर्म को भुगतान नहीं हो सका।
कुंवरपुर के पूर्व प्रधान नरेश राठौर ने बताया कि 77561 रुपये ग्रामपंचायत अधिकारी ने संबंधित फर्म के बजाए दूसरे खाते में ट्रांसफर करा दिए हैं। वहीं पूर्व प्रधानों का मानदेय भी रुका हुआ है। जिसकी शिकायत सभी पूर्व प्रधानों ने जिलाधिकारी व सीडीओ से की है। भुगतान कराए जाने के साथ जांच कराए जाने की मांग की है।