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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Second wave of Corona: Ventilators purchased from PM Care Fund did not work, patients kept dying in hallet hospital

कोरोना की दूसरी लहर: काम न आए पीएम केयर फंड से खरीदे गए वेंटिलेटर, हैलट में मरते रहे रोगी

Tue, 20 Jul 2021 12:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 20 Jul 2021 12:24 PM IST
सार

सवाल यह उठ रहा है कि जब न्यूरो साइंसेज आईसीयू में वेंटिलेटर नहीं चले और डिब्बा बंद रहे तो उन्हें बालरोग अस्पताल में क्यों लगा दिया गया? दो सप्ताह पहले चलते-चलते बंद होने से बच्ची की मौत तक हो गई।

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Second wave of Corona: Ventilators purchased from PM Care Fund did not work, patients kept dying in hallet hospital
रोज होते थे सैकड़ों की संख्या में अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala

विस्तार

पीएम केयर फंड से हैलट को मिले एग्वा के 26 वेंटिलेटर डिब्बा बने रखे रहे और कोरोना की दूसरी लहर में बगैर वेंटिलेटर के मरीज मरते रहे। न्यूरो साइंसेज थ्री लेवल कोविड अस्पताल के आईसीयू के सभी वेंटिलेटर भरे थे और की जरूरत थी लेकिन उस वक्त ये वेंटिलेटर चल ही नहीं पाए। कुछ चले भी तो अपने आप बंद हो जाते थे।
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इसके बाद इनमें ऑक्सीजन का प्रेशर नहीं बना, इस वजह से रोगियों के किसी काम नहीं आए। इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन शासन को सिर्फ पत्र भेजता रहा। इस मुद्दे को जोरदारी के साथ नहीं उठाया। न्यूरो साइंसेज के आईसीयू प्रभारी ने उस वक्त कहा था कि एग्वा के वेंटिलेटर को आईसीयू के उपकरणों की गिनती में शामिल नहीं किया गया है।
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इस पर तत्कालीन प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने शासन को पत्र भेजा था। इसके साथ ही एग्वा कंपनी के इंजीनियर को पत्र लिखा गया। बार-बार सूचना के बाद भी इंजीनियर नहीं आए। टेक्नीशियन को दिखाया गया तो पता चला कि एग्वा वेंटिलेटर के सॉफ्टवेयर में ही गड़बड़ी है। इससे ये जरूरत के हिसाब से नहीं चल पा रहे हैं।
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सवाल यह उठ रहा है कि जब न्यूरो साइंसेज आईसीयू में वेंटिलेटर नहीं चले और डिब्बा बंद रहे तो उन्हें बालरोग अस्पताल में क्यों लगा दिया गया? दो सप्ताह पहले चलते-चलते बंद होने से बच्ची की मौत तक हो गई। सॉफ्टवेयर में खराबी अगर है तो इनका इस्तेमाल वैसे ही खतरनाक है। प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि एग्वा वेंटिलेटर वापस किए जाएंगे। इनके स्थान पर नए वेंटिलेटर आ गए हैं।  
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