अनदेखी: शहीद कैप्टन के स्मारक को छत तक न द सके, चार पिलर बनाकर ही छोड़ा...जयपुर से आ चकी है मूर्ति, पढ़ें मामला
Kanpur News: कैप्टन अभिषेक मिश्रा लेह में 14 जनवरी 2021 को एक साइट के निरीक्षण करते समय हादसे में शहीद हुए थे। मार्च 2023 में चकेरी के आदर्शनगर चंद्रा विहार में स्मारक बनना शुरू हुआ था, लेकिन चार पिलर बनाकर ही छोड दिया गया।
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दो साल पहले देश के लिए अपनी जान देने वाले कैप्टन अभिषेक मिश्रा के स्मारक को एक छत तक न दे सके। मार्च 2023 में चकेरी के आदर्शनगर चंद्रा विहार स्थित उनके घर के पास चौक में स्मारक का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन नगर निगम ने चार पिलर बनाकर ही छोड़ दिया। जयपुर से उनकी मूर्ति भी बनकर आ चुकी है।
लेकिन खुले पड़े स्मारक के नीचे स्थापना कैसे हो। इतना ही नहीं, करीब 66 लाख रुपये से उनके मोहल्ले की बनीं चार सड़कें भी खराब होने लगी हैं। चकेरी के देहली सुजानपुर आदर्शनगर के चंद्राविहार निवासी कैप्टन अभिषेक मिश्रा (29) लेह में 119 एसॉल्ट इंजीनियर रेजीमेंट की 51 आरसीसी यूनिट में तैनात थे।
14 जनवरी 2021 की सुबह पत्नी कैप्टन श्रीलेखा भरत और ड्राइवर के साथ लेह में एक साइट पर जा रहे थे। बर्फबारी के दौरान उनकी कार खाई में गिर गई थी। इस हादसे में अभिषेक की मौत हो गई थी। तब सांसद सत्यदेव पचौरी ने कैप्टन अभिषेक मिश्रा की स्मृति में 66.43 लाख की लागत से चार सड़कें बनवाने के लिए अपनी निधि से धन दिया था।
इन क्षेत्रों में बनी थीं सड़कें
26.11 लाख से नूरी मस्जिद चौराहे से बीडी सिंह के घर तक, 34.49 लाख से केएल शुक्ला के घर से अल्का ट्रेडर्स तक, 5.83 लाख से बीडी सिंह चौराहे से आशा के घर तक डामर रोड बनी थी। 95 हजार से हाई मास्ट लाइट भी लगवाई गईं थीं। हालांकि अब सड़कें खराब हो चुकी हैं।
साल भीतर ही उखड़ने लगी सड़क, इंटरलॉकिंग लापता
सालभर पहले बनी सड़क की इंटरलॉकिंग गायब हो चुकी है। इसके अलावा एक सड़क का करीब 12 फीट लंबा और चार फीट चौड़ा हिस्सा चौक से करीब 50 कम की दूरी पर धंस गया है।
पिलर तैयार, जयपुर से आ चुकी है मूर्ति
सांसद सत्यदेव पचौरी ने तीन मार्च 2023 को नगर आयुक्त को कैप्टन अभिषेक मिश्रा की स्मृति में चौक बनवाने के लिए पत्र लिखा था। इसमें चौक पर छत और सुंदरीकरण शामिल था। यह काम शुरू तो हुआ, पर चार पिलर बनाकर छोड़ दिया गया।
जयपुर से मूर्ति अक्तूबर में मंगवा ली
शहीद के पिता फ्लाइंग अफसर रहे संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि उनसे कहा गया था कि अभिषेक की मूर्ति बनवा लें। उन्होंने जयपुर से मूर्ति अक्तूबर में मंगवा ली। अब चौक की छत और सुंदरीकरण का काम पूरा हो जाए, तब बेटे की मूर्ति स्थापित करें। बता दें संतोष कुमार मूलरूप से कन्नौज के तालग्राम के रहने वाले हैं।
सड़क और छतरी को लेकर जो भी दिक्कत है, उसके विषय में नगर निगम अधिकारियों को से वार्ता कर उसे ठीक कराया जाएगा। इतने दिन से क्यों नहीं हुआ यह भी पूछेंगे। शहीद का सम्मान सर्वोपरि रखा जाएगा। -सत्यदेव पचौरी सांसद