{"_id":"69766c0c16ea6a6f1201c4a8","slug":"second-common-chrome-effluent-treatment-plant-to-be-built-in-ruma-tender-issued-kanpur-news-c-12-1-knp1063-1406284-2026-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: रूमा में बनेगा दूसरा कॉमन क्रोम एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, टेंडर जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: रूमा में बनेगा दूसरा कॉमन क्रोम एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, टेंडर जारी
विज्ञापन
कानपुर। रूमा औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण की क्षमता को बढ़ाने के लिए दूसरा कॉमन क्रोम एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) स्थापित किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए जल निगम (नगरीय) ने रविवार को टेंडर जारी कर दिए हैं। इस नई परियोजना से क्षेत्र में बढ़ती फैक्ट्रियों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के प्रबंधन में बड़ी राहत मिलेगी और मौजूदा क्षमता में करीब तीन गुना वृद्धि होगी।
कानपुर-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप रूमा औद्योगिक क्षेत्र में वर्तमान में 1.1 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) क्षमता का एक सीईटीपी संचालित है। पिछले दो दशकों में इस औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इस वृद्धि के कारण मौजूदा सीईटीपी की क्षमता औद्योगिक अपशिष्ट जल की बढ़ती मात्रा को संभालने में अपर्याप्त साबित हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (यूपीसीडा) एक दूसरे अधिक क्षमता वाले सीईटीपी के निर्माण की योजना बना रहा है। इस नए प्लांट की क्षमता 3.10 एमएलडी औद्योगिक अपशिष्ट जल को अवशोषित करने की होगी। यह क्षमता मौजूदा प्लांट से लगभग तीन गुना अधिक है जिससे रूमा औद्योगिक क्षेत्र की सभी इकाइयों से निकलने वाले कचरे का प्रभावी ढंग से उपचार किया जा सकेगा।
जल निगम (नगरीय) के सहायक अभियंता अनिल कुशवाहा ने बताया कि रूमा में सीईटीपी निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। निर्माण की अनुमानित लागत 13.52 करोड़ है। निर्माण पूरा करने की अवधि डेढ़ साल निर्धारित की गई है।
विज्ञापन
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कदम
औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले एफ्लुएंट (अपशिष्ट जल) का उचित उपचार न होने पर यह पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। यह भूजल, सतही जल और मिट्टी को प्रदूषित कर सकता है, जिसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ता है।
विज्ञापन
कानपुर-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप रूमा औद्योगिक क्षेत्र में वर्तमान में 1.1 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) क्षमता का एक सीईटीपी संचालित है। पिछले दो दशकों में इस औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इस वृद्धि के कारण मौजूदा सीईटीपी की क्षमता औद्योगिक अपशिष्ट जल की बढ़ती मात्रा को संभालने में अपर्याप्त साबित हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (यूपीसीडा) एक दूसरे अधिक क्षमता वाले सीईटीपी के निर्माण की योजना बना रहा है। इस नए प्लांट की क्षमता 3.10 एमएलडी औद्योगिक अपशिष्ट जल को अवशोषित करने की होगी। यह क्षमता मौजूदा प्लांट से लगभग तीन गुना अधिक है जिससे रूमा औद्योगिक क्षेत्र की सभी इकाइयों से निकलने वाले कचरे का प्रभावी ढंग से उपचार किया जा सकेगा।
विज्ञापन
जल निगम (नगरीय) के सहायक अभियंता अनिल कुशवाहा ने बताया कि रूमा में सीईटीपी निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। निर्माण की अनुमानित लागत 13.52 करोड़ है। निर्माण पूरा करने की अवधि डेढ़ साल निर्धारित की गई है।
विज्ञापन
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कदम
औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले एफ्लुएंट (अपशिष्ट जल) का उचित उपचार न होने पर यह पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। यह भूजल, सतही जल और मिट्टी को प्रदूषित कर सकता है, जिसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ता है।