Kanpur: स्काडा सिस्टम का अगले माह शुभारंभ, नहीं होगा वोल्टेज का उतार-चढ़ाव, अभी 14 सबस्टेशनों को जोड़ा गया
बिजली आपूर्ति की मॉनीटरिंग के लिए स्काडा सिस्टम अगले माह शुरू हो जाएगा। इसके लिए केस्को मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया गया। इसमें 10 सबस्टेशनों का डाटा पहुंचने भी लगा है और जल्द ही सभी सबस्टेशन जोड़े जाएंगे।
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कानपुर में कंप्यूटरीकृत तरीके से बिजली आपूर्ति कराने का प्रदेश का पहला तंत्र स्काडा एडीएमएस (एडवांस्ड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम) का विकासनगर स्थित कंट्रोल रूम तैयार हो चुका है। अभी फूलबाग, बिजलीघर और नवाबगंज डिवीजन के 14 सबस्टेशनों के बिजली आपूर्ति सिस्टम को इससे जोड़ा गया है।
स्काडा सिस्टम के तहत फॉल्ट होते ही संबंधित क्षेत्र के जेई से लेकर एक्सईएन और लाइनमैन के पास एसएमएस पहुंच जाएगा। फॉल्ट की लोकेशन भी बताएगा। खास बात यह होगी कि फीडर से बिजली जाने पर शटडाउन खुद हो जाएगा और दूसरे वैकल्पिक फीडर से बिजली आपूर्ति चालू हो जाएगी।
10 सबस्टेशनों का डाटा कंप्यूटरीकृत कंट्रोल रूम में आने लगा है। इसका ट्रायल भी केस्को इंजीनियरों ने करा लिया है। अगले महीने उद्घाटन होना है। दूसरे चरण में केस्को के सभी सबस्टेशनों को इससे जोड़ दिया जाएगा। विकासनगर के कंट्रोलरूम के अलावा बैकअप कंट्रोलरूम आईआईटी में बनाया गया है।
नहीं होगा वोल्टेज का उतार-चढ़ाव
नए सिस्टम के तहत वोल्टेज का उतार-चढ़ाव नहीं होगा। किस फीडर पर कितना लोड है, इसकी जानकारी मिलने पर फीडर संतुलन भी किया जा सकेगा। किस क्षेत्र में कितनी बिजली चोरी हो रही है और किस समय हो रही है। उसकी लोकेशन भी कंट्रोलरूम को मिलेगी। इससे वहां छापामारी अभियान कर बिजली चोरी भी रोकी जा सकेगी।
64 करोड़ में पूरी हुई परियोजना
इस परियोजना की लागत लगभग 64 करोड़ रुपये है। 44 करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी कानपुर और 20 करोड़ रुपये केस्को की तरफ से खर्च किया गया है। परियोजना को पूरा होने के बाद छह साल तक इस सिस्टम का रखरखाव कार्यदायी कंपनी जीई (जनरल इंजीनियरिंग) करेगी। आईआईटी कानपुर इसका सलाहकार है।
परियोजना तैयार हो चुकी है। इसका ट्रायल भी पूरा हो गया है। फरवरी में इसका उद्घाटन कराने की तैयारी है। पहले चरण में 14 सबस्टेशन इससे जुड़ेंगे। इसके बाद स्मार्ट बिजली से पूरा शहर जुड़ जाएगा। -मनीष गुप्ता, अधिशासी अभियंता, निर्माण, केस्को