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शासन पर भारी सीएमओ, आयुष्मान मित्रों की गांवों में लगाई डयूटी
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कानपुर देहात। जिले में औंधे मुंह गिर रही आयुष्मान योजना में जिम्मेदार ही पलीता लगा रहे हैं। योजना के लाभार्थियों को इलाज व गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए जिला अस्पताल समेत दो स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मित्र तैनात किए गए हैं, लेकिन सीएमओ ने उन्हें गांव-गांव जाकर गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंप दी है। इससे अस्पताल पहुंचने वाले लाभार्थी मरीज कैसे भर्ती होंगे और उनके गोल्डन कार्ड कहां बनेंगे। इसपर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान योजना अंतर्गत पात्र लाभार्थी को पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज कराने की सुविधा है। जिले में 1 लाख 52 हजार 113 परिवारों को शामिल किया गया है। योजना के दायरे में 7 लाख 60 हजार 565 लाभार्थी हैं, जो आयुष्मान से संबद्ध जिला अस्पताल पुरुष व महिला समेत पुखरायां व रसूलाबाद सीएचसी तथा निजी अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं। लाभार्थी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े और मौके पर ही गोल्डन कार्ड बन सकें। इसके लिए अस्पतालों में आरोग्य मित्र की तैनाती की गई है। इसके इतर, सीएमओ ने जिला अस्पताल समेत दोनों सीएचसी में तैनात आयुष्मान मित्रों को ब्लाक क्षेत्र के गांवों में जाकर लाभार्थियों के गोल्डन बनाने का आदेश जारी कर दिया। आयुष्मान मित्र सुबह आठ से ग्यारह बजे के बीच चिंहित गांव में जाकर कम से कम 25 गोल्डन कार्ड बनाएंगे। इसके बाद वह अस्पताल में लौटकर कार्य करेंगे। ऐसे में तीन घंटे के अंतराल में अगर कोई गंभीर मरीज इलाज या गोल्डन कार्ड बनवाने संबंधित अस्पताल पहुंचता है तो उसे भटकने के मजबूर होना पड़ेगा। इस सवाल पर जिम्मेदार भी कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं।
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कोट
जिले में आयोजित होने वाली चौपालों में लगने वाले स्टालों पर लोगों को जागरूक करने के लिए आयुष्मान मित्र को तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। रेगुलर रूप से गांवों में भेजने के लिए नहीं कहा गया था। सीएमओ से आदेश संशोधित कराया जाएगा।
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- डॉ. दिनेश चंद्र (डीएम)
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जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला अस्पताल पुरुष व महिला समेत दोनों सीएचसी में तैनात आयुष्मान मित्रों को संबंधित ब्लाक के गांवों में तीन घंटे जाकर गोल्डन कार्ड बनाने का आदेश जारी किया गया है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में कार्य करना होगा।
-डॉ. राजेश कटियार (सीएमओ)
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इंसेट-
क्या कहती शासन की गाइडलाइन
कानपुर देहात। आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को सहूलियत देने के लिए शासन की ओर से अस्पतालों में तैनात आयुष्मान मित्रों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। जिसके अनुसार उन्हें अस्पताल में रहकर आने वाले मरीज को जानकारी देकर भर्ती कराने में सहायता करनी होगी। फिर निर्धारित पैकेज के प्रपत्रों को शासन की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। जब तक मरीज डिस्चार्ज नहीं होता। उसकी नियमित रूप से निगरानी करते हुए जानकारी ली जाएगी। गोल्डन कार्ड खराब होने पर तत्काल डुप्लीकेट कार्ड बनाने समेत अन्य कार्यों का दायित्व दिया गया है।
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जनसेवा केंद्र संचालक नहीं लेते रुचि
कानपुर देहात। ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने के लिए ई-गवर्नेंस के तहत जनसेवा केंद्र संचालकों को गांव-गांव कैप लगाने के निर्देश हैं। लाभार्थी तीस रुपये देकर अपने गांव में ही गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। इसके बावजूद गांवों में कैंप नहीं लगाए जाते हैं। अफसर भी इसकी अनदेखी करते हैं। जिससे योजना के दो साल पूरे होने पर भी जिले में महज 17 प्रतिशत की गोल्डन कार्ड बन सके हैं।
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प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान योजना अंतर्गत पात्र लाभार्थी को पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज कराने की सुविधा है। जिले में 1 लाख 52 हजार 113 परिवारों को शामिल किया गया है। योजना के दायरे में 7 लाख 60 हजार 565 लाभार्थी हैं, जो आयुष्मान से संबद्ध जिला अस्पताल पुरुष व महिला समेत पुखरायां व रसूलाबाद सीएचसी तथा निजी अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं। लाभार्थी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े और मौके पर ही गोल्डन कार्ड बन सकें। इसके लिए अस्पतालों में आरोग्य मित्र की तैनाती की गई है। इसके इतर, सीएमओ ने जिला अस्पताल समेत दोनों सीएचसी में तैनात आयुष्मान मित्रों को ब्लाक क्षेत्र के गांवों में जाकर लाभार्थियों के गोल्डन बनाने का आदेश जारी कर दिया। आयुष्मान मित्र सुबह आठ से ग्यारह बजे के बीच चिंहित गांव में जाकर कम से कम 25 गोल्डन कार्ड बनाएंगे। इसके बाद वह अस्पताल में लौटकर कार्य करेंगे। ऐसे में तीन घंटे के अंतराल में अगर कोई गंभीर मरीज इलाज या गोल्डन कार्ड बनवाने संबंधित अस्पताल पहुंचता है तो उसे भटकने के मजबूर होना पड़ेगा। इस सवाल पर जिम्मेदार भी कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं।
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कोट
जिले में आयोजित होने वाली चौपालों में लगने वाले स्टालों पर लोगों को जागरूक करने के लिए आयुष्मान मित्र को तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। रेगुलर रूप से गांवों में भेजने के लिए नहीं कहा गया था। सीएमओ से आदेश संशोधित कराया जाएगा।
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- डॉ. दिनेश चंद्र (डीएम)
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जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला अस्पताल पुरुष व महिला समेत दोनों सीएचसी में तैनात आयुष्मान मित्रों को संबंधित ब्लाक के गांवों में तीन घंटे जाकर गोल्डन कार्ड बनाने का आदेश जारी किया गया है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में कार्य करना होगा।
-डॉ. राजेश कटियार (सीएमओ)
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इंसेट-
क्या कहती शासन की गाइडलाइन
कानपुर देहात। आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को सहूलियत देने के लिए शासन की ओर से अस्पतालों में तैनात आयुष्मान मित्रों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। जिसके अनुसार उन्हें अस्पताल में रहकर आने वाले मरीज को जानकारी देकर भर्ती कराने में सहायता करनी होगी। फिर निर्धारित पैकेज के प्रपत्रों को शासन की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। जब तक मरीज डिस्चार्ज नहीं होता। उसकी नियमित रूप से निगरानी करते हुए जानकारी ली जाएगी। गोल्डन कार्ड खराब होने पर तत्काल डुप्लीकेट कार्ड बनाने समेत अन्य कार्यों का दायित्व दिया गया है।
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जनसेवा केंद्र संचालक नहीं लेते रुचि
कानपुर देहात। ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने के लिए ई-गवर्नेंस के तहत जनसेवा केंद्र संचालकों को गांव-गांव कैप लगाने के निर्देश हैं। लाभार्थी तीस रुपये देकर अपने गांव में ही गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। इसके बावजूद गांवों में कैंप नहीं लगाए जाते हैं। अफसर भी इसकी अनदेखी करते हैं। जिससे योजना के दो साल पूरे होने पर भी जिले में महज 17 प्रतिशत की गोल्डन कार्ड बन सके हैं।
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