अलविदा 2022: सातवें साल भी नहीं बन पाया सरसौल का करबिगवां ओवरब्रिज, केडीए नहीं विकसित कर सका न्यू कानपुर सिटी
कई बड़ी योजनाओं का सपना इस साल (2022) भी पूरा नहीं हो सका। इनमें सबसे प्रमुख सरसौल में करबिगवां क्रासिंग पर बनने वाला ओवरब्रिज है। यह सात साल में भी नहीं बन पाया। कई योजनाओं का शिलान्यास ही नहीं हो सका। इनमें मेट्रो कॉरिडोर-2 के तहत रावतपुर स्टेशन से बर्रा-8 तक रूट के निर्माण के टेंडर ही नहीं हो सके।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नगर निगम हर घर से कूड़ा भी नहीं उठवा पाया। कई योजनाओं का शिलान्यास ही नहीं हो सका। इनमें मेट्रो कॉरिडोर-2 के तहत रावतपुर स्टेशन से बर्रा-8 तक रूट के निर्माण के टेंडर ही नहीं हो सके। यही हाल दादानगर समानांतर पुल, गोविंदपुरी पुल से दीप तिराहे तक एलिवेटेड रोड का है।
ये उम्मीदें रह गईं अधूरी
- 2016 से बन रहे करबिगवां पुल का निर्माण नहीं हो सका पूरा। तीन साल में बनकर होना था तैयार।
- चकेरी से कोखराज तक 145 किलोमीटर तक प्रयागराज हाईवे को चार लेन से छह लेन करने का काम तीन साल बाद भी अधूरा।
- टेंडर के छह महीने बाद भी नहीं शुरू हो पाया कलक्ट्रेट में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण।
- जाम से निजात दिलाने के लिए धरातल पर नहीं आ पाई इनर रिंग रोड।
- गोविंदपुरी पुल से दीप टाकीज तिराहे तक एलिवेटेड रोड के लिए नहीं मिला धन
- दादानगर समानांतर पुल का निर्माण शुरू होने का सपना भी अधूरा
- ग्रीनपार्क चौराहे से घंटाघर, बड़ा चौराहा से मूलगंज, डीएवी चौराहे से सरसैया घाट चौराहे तक एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव भी कागजों में बंद।
- मंधना से बैराज, शुक्लागंज होते हुए मोहनलालगंज (लखनऊ) तक 104 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे को चार लेन करने का सपना अधूरा।
केडीए ये योजनाएं भी नहीं कर सका पूरी
- बनारअलीपुर (कानपुर देहात) में आवासीय योजना कागजों से बाहर नहीं निकल पाई।
- बायोडायवर्सिटी पार्क का विकास और उसमें गोल्फ कोर्स नहीं बन पाया।
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग थीमपार्क को नहीं मिल पाया बिजली कनेक्शन।
- पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंशा पर जाजमऊ में बने प्रवेश द्वार उपेक्षा का शिकार।
नगर निगम ये वादे भी नहीं कर पाया पूरे
- शहरवासियों को नहीं मिला छुट्टा मवेशियों, आवारा कुत्तों से छुटकारा।
- सड़कों, फुटपाथों, खाली प्लाटों में पड़ रहा है कूड़ा।
- कूड़ा निस्तारण प्लांट में नहीं खत्म हो पाए कूड़े के पहाड़।
- टूटी सड़कों से नहीं मिली निजात।
- जलकल विभाग भी ठंठ खड़े हैंडपंपों को नहीं करा पाया ठीक।