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संजीत अपहरण हत्याकांड: सीबीआई के जाते ही दागदार इंस्पेक्टर ने थाने में खंगाले दस्तावेज, बड़ी गड़बड़ी की आशंका
Thu, 28 Oct 2021 01:15 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 28 Oct 2021 01:15 PM IST
सार
संजीत हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी ने रणजीत राय को निलंबित कर दिया था। इसके बाद उनके स्थान पर साइबर सेल में तैनात इंस्पेक्टर हरमीत सिंह को थानाप्रभारी बनाया था। केस की विवेचना हरमीत सिंह ने ही की थी।
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संजीत हत्याकांड (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संजीत अपहरण हत्याकांड में सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में रहे तत्कालीन बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत राय का एक और कारनामा सामने आया है। मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम के शहर से जाते ही वह मंगलवार को बर्रा थाने पहुंचे।
जानकारी हुई है कि वह मुंशियाने में तकरीबन साढ़े तीन घंटे तक रहे। स्टाफ को वहां से हटा दिया था। कंप्यूटर से कई दस्तावेजों के प्रिंट निकाल तमाम रिकॉर्ड खंगाले। वह आखिर कौन से दस्तावेेज ले गए और कौन से रिकॉर्ड खंगाले। सीबीआई जल्द इंस्पेक्टर पर शिकंजा कस सकती है।
सीबीआई की टीम सोमवार रात लखनऊ चली गई थी। इंस्पेक्टर रणजीत राय मंगलवार शाम 5:30 बजे अपनी गाड़ी से सादे कपड़ों में बर्रा थाने पहुंचे। मौजूदा समय में रणजीत राय कन्नौज में एसओजी प्रभारी हैं।
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थाने में जाते ही व सबसे पहले अपने बैचमेेट थानाप्रभारी अजय सेठ से मिले। इसके बाद मुंशीयाने में पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक वहां मौजूद मुंशी, हेड कांस्टेबल व अन्य पुलिसकर्मियों से सीबीआई की अब तक की जांच के बारे में पूछा।
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जानकारी हुई है कि वह मुंशियाने में तकरीबन साढ़े तीन घंटे तक रहे। स्टाफ को वहां से हटा दिया था। कंप्यूटर से कई दस्तावेजों के प्रिंट निकाल तमाम रिकॉर्ड खंगाले। वह आखिर कौन से दस्तावेेज ले गए और कौन से रिकॉर्ड खंगाले। सीबीआई जल्द इंस्पेक्टर पर शिकंजा कस सकती है।
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सीबीआई की टीम सोमवार रात लखनऊ चली गई थी। इंस्पेक्टर रणजीत राय मंगलवार शाम 5:30 बजे अपनी गाड़ी से सादे कपड़ों में बर्रा थाने पहुंचे। मौजूदा समय में रणजीत राय कन्नौज में एसओजी प्रभारी हैं।
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थाने में जाते ही व सबसे पहले अपने बैचमेेट थानाप्रभारी अजय सेठ से मिले। इसके बाद मुंशीयाने में पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक वहां मौजूद मुंशी, हेड कांस्टेबल व अन्य पुलिसकर्मियों से सीबीआई की अब तक की जांच के बारे में पूछा।
इसके बाद मुंशियाना खाली करवाकर खुद सीसीटीएनएस सिस्टम पर बैठ गए। उस दौरान रणजीत राय ने कई प्रिंट आउट भी निकाले। देर शाम करीब 8:45 बजे वह मुंशियाने से निकले। निकलते समय उनके पास एक मोटी फाइल भी थी।
सूत्रों के अनुसार रणजीत राय संजीत हत्याकांड से संबंधित कुछ दस्तावेजों की फोटो कॉपी अपने साथ ले गए हैं। आशंका है कि वह खुद को बचाने के प्रयास में हैं। अगर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की तो उनकी मुसीबत बढ़ सकती है।
सूत्रों के अनुसार रणजीत राय संजीत हत्याकांड से संबंधित कुछ दस्तावेजों की फोटो कॉपी अपने साथ ले गए हैं। आशंका है कि वह खुद को बचाने के प्रयास में हैं। अगर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की तो उनकी मुसीबत बढ़ सकती है।
पूर्व थानाप्रभारी भी कैंपस में रहते हैं मौजूद
संजीत हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी ने रणजीत राय को निलंबित कर दिया था। इसके बाद उनके स्थान पर साइबर सेल में तैनात इंस्पेक्टर हरमीत सिंह को थानाप्रभारी बनाया था। केस की विवेचना हरमीत सिंह ने ही की थी।
वह वर्तमान में किदवईनगर थानेदार हैं। हालांकि वह परिवार संग बर्रा थाना परिसर में बने आवास में ही रहते हैं। केस में सर्विलांस की बड़ी चूक हुई थी। लिहाजा वह भी जांच के दायरे में हैं। थाना परिसर में उनकी मौजूदगी से जांच प्रभावित हो सकती है।
संजीत हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी ने रणजीत राय को निलंबित कर दिया था। इसके बाद उनके स्थान पर साइबर सेल में तैनात इंस्पेक्टर हरमीत सिंह को थानाप्रभारी बनाया था। केस की विवेचना हरमीत सिंह ने ही की थी।
वह वर्तमान में किदवईनगर थानेदार हैं। हालांकि वह परिवार संग बर्रा थाना परिसर में बने आवास में ही रहते हैं। केस में सर्विलांस की बड़ी चूक हुई थी। लिहाजा वह भी जांच के दायरे में हैं। थाना परिसर में उनकी मौजूदगी से जांच प्रभावित हो सकती है।