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सलमान खुर्शीद की पत्नी करेंगी बगावत, बाेली सपा प्रत्याशी का नहीं करूंगी प्रचार
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 30 Jan 2017 08:58 AM IST
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सलमान खुर्शीद व लुईस खुर्शीद
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कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सलमान खुर्शीद की पत्नी पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद ने विधानसभा चुनाव के लिए हुए सपा-कांग्रेस महागठबंधन की गांठ खोल दी है। उन्होंने फर्रुखाबाद सदर सीट पर सपा प्रत्याशी का सहयोग न करने का निर्णय लिया है। अपने समर्थकों व कार्यकर्ताओं को भी सहयोग न करने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक सलाहकार फरीद चुगताई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद का कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आश्वस्त कर रहे थे कि फर्रुखाबाद में वही महागठबंधन की प्रत्याशी होंगी। इसका कारण पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की साफसुथरी छवि व अखिलेश यादव द्वारा यूपी की नई बिसात पर दागी लोगों को दरकिनार रखना था। लेकिन तमाम खूबियों के बावजूद अखिलेश यादव कुनबे के दो वरिष्ठ रहनुमाओं के कारण जातीय आधार पर उन्हें दरकिनार कर गंभीर आरोपों में घिरे प्रत्याशी विजय सिंह को गठबंधन का चेहरा बना दिया।
उनका कहना है कि वह महागठबंधन को सलाम करती हैं लेकिन जिले में फर्रुखाबाद छोड़कर अन्य सीटों पर ही महागठबंधन को मजबूत करेंगे। सदर सीट पर कार्यकर्ता तटस्थ रहेंगे। सलाहकार फरीद चुगताई ने बताया कि अब 30 जनवरी को लुईस खुर्शीद नामांकन नहीं करेंगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा का कहना है कि पार्टी और अपनी नेता लुईस दोनों के ही निर्देश मानेंगे। यदि कोई समस्या होगी तो दोनों स्तर पर बात कर कोई रास्ता निकालेंगे।
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मालूम हो कि अभी तक लुईस हर हाल में चुनाव लड़ने का दावा कर रही थीं, जबकि सपा जिलाध्यक्ष ने किसी भी सूरत में कांग्रेस को यह सीट न देने की बात कह रहे थे। अपना टिकट पक्का बताने वालीं लुईस ने लखनऊ से दिल्ली तक दौड़ लगाई पर सफलता नहीं मिली।
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राजनीतिक सलाहकार फरीद चुगताई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद का कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आश्वस्त कर रहे थे कि फर्रुखाबाद में वही महागठबंधन की प्रत्याशी होंगी। इसका कारण पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की साफसुथरी छवि व अखिलेश यादव द्वारा यूपी की नई बिसात पर दागी लोगों को दरकिनार रखना था। लेकिन तमाम खूबियों के बावजूद अखिलेश यादव कुनबे के दो वरिष्ठ रहनुमाओं के कारण जातीय आधार पर उन्हें दरकिनार कर गंभीर आरोपों में घिरे प्रत्याशी विजय सिंह को गठबंधन का चेहरा बना दिया।
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उनका कहना है कि वह महागठबंधन को सलाम करती हैं लेकिन जिले में फर्रुखाबाद छोड़कर अन्य सीटों पर ही महागठबंधन को मजबूत करेंगे। सदर सीट पर कार्यकर्ता तटस्थ रहेंगे। सलाहकार फरीद चुगताई ने बताया कि अब 30 जनवरी को लुईस खुर्शीद नामांकन नहीं करेंगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा का कहना है कि पार्टी और अपनी नेता लुईस दोनों के ही निर्देश मानेंगे। यदि कोई समस्या होगी तो दोनों स्तर पर बात कर कोई रास्ता निकालेंगे।
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मालूम हो कि अभी तक लुईस हर हाल में चुनाव लड़ने का दावा कर रही थीं, जबकि सपा जिलाध्यक्ष ने किसी भी सूरत में कांग्रेस को यह सीट न देने की बात कह रहे थे। अपना टिकट पक्का बताने वालीं लुईस ने लखनऊ से दिल्ली तक दौड़ लगाई पर सफलता नहीं मिली।