लाखों का माल समेट ले गए और बेजुबान बकरियों को गला दबाकर मार डाला
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गिरंदे का पुरा गांव निवासी सावित्री देवी अपनी 12 वर्षीय नातिन छाया के साथ घर में अकेली रहती है। उसका लड़का जितेंद्र पत्नी के साथ दिल्ली में रहकर काम करता है। मंगलवार की रात चोरों ने उसके घर पर धावा बोल दिया। छत के रास्ते चोर घर में घुस गए। दबे पांव घर में घुसे चोर एक कमरे में जा पहुंचे, जहां उन्होंने सारा सामान खंगाल डाला।
इसके बाद एक बक्से का ताला तोड़कर उसमें करीब दो लाख रुपये कीमत के सोने चांदी के जेवरात व पांच हजार रुपये नगद चोरी कर लिए। उन्हें चुराने के बाद चोर वापस जा रहे थे कि उनकी नजर आंगन में बंधी दो बकरियों पर पड़ी। चोरों ने रस्सी खोल कर बकरियों का भी उठा लिया। वह उन्हें लेकर जा ही रहे थे कि बकरियों चिल्लाने लगी। आहट पाकर दूसरे कमरें
में सो रही सावित्री की आंख खुल गई। वह बाहर निकलकर आई तो आंगन में चोरों को खड़ा देखकर उसने शोर मचा दिया। चोरों ने वहां से दौड़ लगा दी।
शोर शराबा सुनकर ग्रामीण भी बाहर निकल आए। भाग रहे चोरों को देखकर वह उनके पीछे दौड़ पड़े। ग्रामीणों को पीछा करता देख चोरों ने नहर के पास जाकर बकरियों का गला दबाकर उन्हें मार डाला और नहर में फेंककर भाग निकले। इससे गांव में अफरा तफरी का माहौल हो गया। सुबह सावित्री के घर के बाहर ग्रामीण इकठ्ठे हो गए। सुबह सावित्री ने कोतवाली पहुंच कर गांव के ही राजवीर पुत्र संतोष व उसके अज्ञात साथियों पर चोरी का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। थानाध्यक्ष का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।