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रहस्यमय ढंग से लापता हुआ खूंखार बदमाश का परिवार, लाश सौंपने के लिए पुलिस ने तीन जिलों में डाला डेरा
Thu, 24 Oct 2019 07:26 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 24 Oct 2019 07:26 PM IST
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कन्नौज मुठभेड़ में मारे गए खूंखार बदमाश साजिद के परिजनों को तलाशना एसटीएफ और प्रतापगढ़ के लिए चुनौती साबित हो रहा है। परिजनों की तलाश में पुलिस टीमों ने कन्नौज, औरैया और रामपुर जिले तक छापा मारा। किसी भी जिले में साजिद के परिजनों का सुराग नहीं लगा।
करीब एक साल पहले उसके परिवार के लोग डेरा छोड़ कर रहस्यमय ढंग से लापता हो गए थे। तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बिनौरा गांव के किनारे सलीम बावरिया परिवार के साथ 2007 में डेरा डालकर रहने लगा था। 2012 में मध्य प्रदेश पुलिस ने डेरे में छापामारी के दौरान सलीम बावरिया और उसके भाई साजिद के बांग्लादेशी होने की पुष्टि की थी।
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करीब एक साल पहले उसके परिवार के लोग डेरा छोड़ कर रहस्यमय ढंग से लापता हो गए थे। तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बिनौरा गांव के किनारे सलीम बावरिया परिवार के साथ 2007 में डेरा डालकर रहने लगा था। 2012 में मध्य प्रदेश पुलिस ने डेरे में छापामारी के दौरान सलीम बावरिया और उसके भाई साजिद के बांग्लादेशी होने की पुष्टि की थी।
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23 अगस्त 2016 को बुलंदशहर हाईवे पर मां और बेटी से दुष्कर्म के बाद आरोपी सलीम बावरिया और उसके भाई साजिद उर्फ पतला उर्फ बबलू की तलाश में सीबीआई टीम ने डेरा में छापामारी की थी। इसके कुछ दिन बाद एक रात मकानों को क्षतिग्रस्त कर डेरे में रहने वाले सभी लोग लापता हो गए थे।
मंगलवार को प्रतापगढ़ में एसटीएफ की मुठभेड़ में मारे गए साजिद की पहचान सलीम बावरिया के छोटे भाई के रूप में हुई थी। उसके पास से कन्नौज के कसाई टोला, औरैया के बिधूना थाने के कुदरकोट और भटपुरा तारन रामपुर के पते मिले थे। इससे गुरुवार को प्रतापगढ़ के रानीगंज थाने में तैनात सिपाही राजकमल और यशपाल दास कन्नौज पहुंचे।
मंगलवार को प्रतापगढ़ में एसटीएफ की मुठभेड़ में मारे गए साजिद की पहचान सलीम बावरिया के छोटे भाई के रूप में हुई थी। उसके पास से कन्नौज के कसाई टोला, औरैया के बिधूना थाने के कुदरकोट और भटपुरा तारन रामपुर के पते मिले थे। इससे गुरुवार को प्रतापगढ़ के रानीगंज थाने में तैनात सिपाही राजकमल और यशपाल दास कन्नौज पहुंचे।
राजकमल ने स्थानीय पुलिस के साथ कन्नौज शहर में साजिद के परिजनों को तलाश किया। इनका कोई सुराग नहीं मिला। यशपाल ने तिर्वा पुलिस के साथ रामपुर बिनौरा डेरा में छापामारी की। यहां साजिद का मकान खंडहर के रूप में मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब एक साल पहले डेरे में रहने वाले करीब 15 परिवार अचानक लापता हो गए थे।
वहीं प्रतापगढ़ पुलिस की टीमें औरैया और रामपुर में छापामारी कर शव सुपुर्द करने के लिए परिजनों की तलाश कर रही हैं। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि साजिद के परिजनों की तलाश में आई पुलिस टीम को उसके परिवार और मौजूदा पते की जानकारी नहीं हुई है। इससे टीम लौट गई है।
वहीं प्रतापगढ़ पुलिस की टीमें औरैया और रामपुर में छापामारी कर शव सुपुर्द करने के लिए परिजनों की तलाश कर रही हैं। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि साजिद के परिजनों की तलाश में आई पुलिस टीम को उसके परिवार और मौजूदा पते की जानकारी नहीं हुई है। इससे टीम लौट गई है।