UP: हरदोई की लुटेरी दुल्हनें, तीन पर दर्ज हुई जालसाजी की रिपोर्ट, अब मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के सहारे है पुलिस
Hardoi News: प्रभारी निरीक्षक टड़ियावां अशोक सिंह ने बताया कि जब राजकुमार के बारे में सीतापुर जनपद के तंबौर थाना क्षेत्र के जालिमपुर गांव में जानकारी जुटाई, तो पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति यहां नहीं है।
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हरदोई जिले में टड़ियावां थाना क्षेत्र के भड़ायल गांव में ससुरालीजनों को नशीली खीर खिलाकर नकदी, जेवर लेकर भागीं दो लुटेरी दुल्हनों समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन कोई खास सुराग नहीं मिला है।
शादी कराने वाले बिचौलिए के मोबाइल की सीडीआर के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास हो रहा है। खास बात यह है कि प्राथमिक जांच में बिचौलिए का आधार कार्ड फर्जी होने की बात भी सामने आई है। भड़ायल गांव निवासी सगे भाई कुलदीप और प्रदीप की शादी सीतापुर के तंबौर थाना क्षेत्र के जालिमपुर गांव निवासी राजकुमार ने दो बहनों से तय की थी।
कुलदीप का दावा है कि मां ने शादी कराने के लिए 78 हजार रुपये नकद और दो हजार रुपये फोन-पे से बिचौलिए राजकुमार को दिए थे। मंगलवार को राजकुमार आरती और पूजा नाम की दो युवतियों को लेकर आया। आरती की शादी कुलदीप से और पूजा की शादी प्रदीप से करा दी गई थी।
एक सप्ताह के अंदर ही कर दिया जाएगा खुलासा
शादी की पहली रात ही खीर में नशीला पदार्थ खिलाकर दोनों युवतियां गहने और नकदी लेकर भाग निकली थीं। पुलिस ने पूजा, आरती और राजकुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक का दावा है कि एक सप्ताह के अंदर ही पूरी घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
राजकुमार का आधार कार्ड भी फर्जी
उधर, प्रभारी निरीक्षक टड़ियावां अशोक सिंह ने बताया कि जब राजकुमार के बारे में सीतापुर जनपद के तंबौर थाना क्षेत्र के जालिमपुर गांव में जानकारी जुटाई, तो पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति यहां नहीं है। राजकुमार का आधार कार्ड भी फर्जी होने की जानकारी मिली है।
एक मंदिर में दोनों भाइयों की थी शादी
पीड़ित ने बताया कि उसने शादी के लिए दोनों बहनों के लिए करीब एक लाख से अधिक कीमत के जेवर, कपड़ा आदि की खरीदारी की। बताया कि लड़कियां लाने वाले व्यक्ति बुधवार सुबह चला गया। शाम को गांव के पास ही एक मंदिर में दोनों भाइयों ने उन दोनों बहनों के साथ शादी कर दी।
रात में ही जेवर-नकदी लेकर भागीं
बताया कि गांव में ही भंडारा था, इसलिए खाना व खीर आदि आया था। दोनों बहनों ने खीर में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर दोनों भाइयों के साथ ही परिवार के सदस्यों को खिला दिया। इससे वह जब बेहोश हो गए, तो रात में ही मुख्य दरवाजे का ताला खोलकर दोनों बहनें जेवर, कपड़ा, मोबाइल व करीब पांच हजार रुपये लेकर चंपत हो गईं।