{"_id":"6ae380f89fee32986f0f71a3","slug":"road-construction-in-kalenapur-stopped-50-meters-before-completion-villagers-angry-kanpur-news-c-214-1-knj1008-158524-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: कलेनापुर में 50 मीटर पहले ही रोका सड़क निर्माण, ग्रामीणों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: कलेनापुर में 50 मीटर पहले ही रोका सड़क निर्माण, ग्रामीणों में रोष
विज्ञापन
विशुनगढ़। सड़क निर्माण अधूरा छोड़ने से ग्रामीणों में गुरुवार को काफी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग ने मुख्य मार्ग से गांव को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण 50 मीटर पहले ही रोक दिया। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाराज ग्रामीणों ने सड़क का निर्माण गांव तक पूरा कराने की मांग की है।
कलेनापुर गांव निवासी ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण से पहले विभाग की ओर से सर्वे और पैमाइश की गई थी। उस समय सड़क को गांव के अंदर तक बनाए जाने के लिए नाप-जोख की गई थी। इससे ग्रामीणों को पक्की सड़क बनने की उम्मीद जगी थी, लेकिन निर्माण के दौरान गांव से करीब 50 मीटर पहले ही काम बंद कर दिया गया। इससे मुख्य मार्ग से गांव तक पहुंचने वाला रास्ता अब भी कच्चा और बदहाल है।
ग्रामीणों का कहना है कि अधूरे निर्माण के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात में रास्ते पर जलभराव और कीचड़ हो जाता है, जबकि सामान्य दिनों में धूल उड़ने से लोगों को दिक्कत होती है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और मरीजों को होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कलेनापुर गांव निवासी ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण से पहले विभाग की ओर से सर्वे और पैमाइश की गई थी। उस समय सड़क को गांव के अंदर तक बनाए जाने के लिए नाप-जोख की गई थी। इससे ग्रामीणों को पक्की सड़क बनने की उम्मीद जगी थी, लेकिन निर्माण के दौरान गांव से करीब 50 मीटर पहले ही काम बंद कर दिया गया। इससे मुख्य मार्ग से गांव तक पहुंचने वाला रास्ता अब भी कच्चा और बदहाल है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि अधूरे निर्माण के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात में रास्ते पर जलभराव और कीचड़ हो जाता है, जबकि सामान्य दिनों में धूल उड़ने से लोगों को दिक्कत होती है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और मरीजों को होती है।
विज्ञापन