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राहत सामग्री न पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश, हंगामा
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पाली गांव के बाढ़ पीड़ित ग्रामीण समस्या बताते हुए
- फोटो : ORAI
कदौरा। क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित गांवों में सरकारी सहायता न पहुंचने से ग्राीमणों में आक्रोश व्याप्त है। ब्लाक क्षेत्र के प्रभावित गांवों रायड दिवारा, गुलौली, इकौना, पाली आदि के ग्रामीणों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाकर हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना है कि वह लोग कई दिनों से बाढ़ से प्रभावित है, पर कई सूचनाओं के बाद भी प्रशासन ने ़उनकी सुध नहीं ली।
बता दें कि यमुना में आई बाढ़ की वजह से क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव प्रभावित थे। इन गांवों में भी बाढ़ का पानी भरने से तहसील क्षेत्र से इनका संपर्क कट गया था। प्रभावित गांव रायड दिवारा, गुलौली, इकौना, पाली के मजरा झगराई, पिपरिया के डेरा नदी के लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी अनदेखी की है। गांव के अतर सिंह, गहरेस, चेतराम, विजय, चुन्नी आदि का आरोप है कि इन गांवों में आधा सैकड़ा परिवार निवास करते हैं। हम लोगों के मकान भी गिर गए है, बच्चे भूख से व्याकुल हैं, जो कुछ था उसको बना कर खा लिया अब उनके पास राशन का भी संकट गहराने लगा है, लेकिन अभी तक प्रशासन ने अभी तक सुध नही ली।
वहीं ग्रामीण पंचम, अशोक, श्याम, देवीराम, नारायण, शंकर आदि ने बताया कि बिजली न आने से फोन भी बंद हो गए थे, जिससे उन्हें सूचना देने के लिए कई बार पानी में घुस कर दूसरे गांव जाना पड़ा और प्रशासन को सूचना दी, लेकिन फिर भी उनकी मदद को अब तक कोई नहीं पहुंचा। मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी अतिरंजन सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में दो-दो सचिव व आधा-आधा दर्जन सफाई कर्मियों को तैनात करा गया है और राहत सामग्री बंटवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी कैंप लगाए है। किसी भी ग्रामीण को परेशान होने की जरूरत नहीं है प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा।
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बता दें कि यमुना में आई बाढ़ की वजह से क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव प्रभावित थे। इन गांवों में भी बाढ़ का पानी भरने से तहसील क्षेत्र से इनका संपर्क कट गया था। प्रभावित गांव रायड दिवारा, गुलौली, इकौना, पाली के मजरा झगराई, पिपरिया के डेरा नदी के लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी अनदेखी की है। गांव के अतर सिंह, गहरेस, चेतराम, विजय, चुन्नी आदि का आरोप है कि इन गांवों में आधा सैकड़ा परिवार निवास करते हैं। हम लोगों के मकान भी गिर गए है, बच्चे भूख से व्याकुल हैं, जो कुछ था उसको बना कर खा लिया अब उनके पास राशन का भी संकट गहराने लगा है, लेकिन अभी तक प्रशासन ने अभी तक सुध नही ली।
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वहीं ग्रामीण पंचम, अशोक, श्याम, देवीराम, नारायण, शंकर आदि ने बताया कि बिजली न आने से फोन भी बंद हो गए थे, जिससे उन्हें सूचना देने के लिए कई बार पानी में घुस कर दूसरे गांव जाना पड़ा और प्रशासन को सूचना दी, लेकिन फिर भी उनकी मदद को अब तक कोई नहीं पहुंचा। मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी अतिरंजन सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में दो-दो सचिव व आधा-आधा दर्जन सफाई कर्मियों को तैनात करा गया है और राहत सामग्री बंटवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी कैंप लगाए है। किसी भी ग्रामीण को परेशान होने की जरूरत नहीं है प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा।

पाली गांव के लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते।- फोटो : ORAI
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