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सेंट्रल यूपी के जिलों में जलस्तर घटने से बाढ़ से राहत, अब रोगों ने घेरा, काफी दिक्कतों का सामना कर रहे ग्रामीण

Wed, 11 Aug 2021 08:58 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 11 Aug 2021 08:58 PM IST
सार

लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो रहे हैं। चित्रकूट के मऊ व राजापुर क्षेत्र में जलभराव की समस्या अभी भी बरकरार है।

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Relief from floods due to decrease in water level in the districts of Central UP
यूपी में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बुंदेलखंड और सेंट्रल यूपी के जिलों में बाढ़ प्रभावित जिलों में निरंतर जलस्तर घटने से राहत महसूस की जा रही है, लेकिन अब विभिन्न रोगों ने घेरना शुरू कर दिया है। पानी निकलने से कीचड़, दलदल की समस्या का भी ग्रामीणों को सामना करना पड़ रहा है।
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हमीरपुर शहर में बेतवा व यमुना नदियां अपना कहर दिखाने के बाद सिमटने लगी हैं। बेतवा नदी 35 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से घट रही हैं तो यमुना नदी 60 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से नीचे खिसक रही है। हालांकि पांच दिन तक निचले क्षेत्र में पानी भरे होने से ज्यादातर कच्चे मकान जमींदोज हो चुके हैं।
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लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो रहे हैं। चित्रकूट के मऊ व राजापुर क्षेत्र में जलभराव की समस्या अभी भी बरकरार है। दर्जनों सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। जालौन में जलस्तर घटने से राहत के साथ अब गांवों में मकान गिरने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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इटावा में यमुना और चंबल नदी में बाढ़ से प्रभावित 45 गांवों में अभी भी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। नदियों का जलस्तर घट रहा है। परंतु कीचड़, गंदगी और घरों में हुए नुकसान से ग्रामीणों के सामने रहने, खाने पीने और इलाज की गंभीर समस्या है।

पशुओं के समक्ष भी चारे का संकटहै। ऐसे में राहत इंतजाम भी कम पड़ते दिखाई दे रहे हैं। औरैया में यमुना का जलस्तर बुधवार शाम सात बजे तक 112.99 मीटर रहा जो खतरे के निशान 114 मीटर से कम है। सभी बाढ़ प्रभावित 24 गांवों से पानी उतर गया है।

अब खेतों में ही पानी भरा है। लोग गांवों की ओर लौट रहे हैं। फर्रुखाबाद में बाढ़ से थोड़ी राहत मिलने के बाद विभिन्न बीमारियां फैलने लगी हैं। गांव समैचीपुर चितार, अमृतपुर क्षेत्र खांसी, जुकाम, बुखार, उल्टी दस्त रोगों की चपेट में हैं। पशुओं को भी बीमारियों ने घेर लिया है।

स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की उदासीनता से लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर बुधवार को 136.90 मीटर पर स्थिर रहा। फतेहपुर में यमुना नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। हालाकि दो दिन में 1.25 मीटर पानी कम हुआ है।
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