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नीट में बदलाव से इन छात्रों को बड़ी राहत
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 05 Feb 2017 10:18 AM IST
सार
- 7 मई को एंट्रेंस टेस्ट
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डेमो
विस्तार
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) 2017-18 की नियमावली में बदलाव से नगर और आसपास के जिलों के 8000 स्टूडेंटों को राहत मिल गई है। अब स्टूडेंट ऑनलाइन आवेदन फार्म भर सकेंगे। 7 मई को एंट्रेंस टेस्ट देने का मौका भी मिलेगा।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई के साथ और पढ़ाई पूरी करने के बाद नीट का पेपर तीन बार देने की अनिवार्यता कर दी थी। इसका जबरदस्त विरोध हुआ। हजारों स्टूडेंट सड़क पर उतर गए। गीता नगर रेलवे क्रासिंग के पास ट्रैक और जीटी रोड जाम करके हंगामा किया। इसी का नतीजा रहा कि एमसीआई को तत्काल मानक बदलने पड़े।
कहना पड़ा कि इस नियम का पहला सत्र 2017-18 होगा, फिर सत्र 2018-19 और 2019-20 का पेपर दिया जा सकेगा। इसके बाद तीन बार ही पेपर देने की अनिवार्यता का सख्ती से अनुपालन होगा। बहरहाल, स्टूडेंटों को राहत मिल गई है। अब स्टूडेंट ऑनलाइन फार्म भरकर प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। अभिभावकों ने भी चैन की सांस ली है। अभिभावकों का कहना है कि मेडिकल की कोचिंग पर काफी पैसा बर्बाद हुआ था। ऐसे में पेपर देने का मौका मिलना जरूरी था। एमसीआई शैक्षिक, शोध की गुणवत्ता का ध्यान रखे लेकिन स्टूडेंटों को जानकारी देने के बाद बदलाव करे।
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मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई के साथ और पढ़ाई पूरी करने के बाद नीट का पेपर तीन बार देने की अनिवार्यता कर दी थी। इसका जबरदस्त विरोध हुआ। हजारों स्टूडेंट सड़क पर उतर गए। गीता नगर रेलवे क्रासिंग के पास ट्रैक और जीटी रोड जाम करके हंगामा किया। इसी का नतीजा रहा कि एमसीआई को तत्काल मानक बदलने पड़े।
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कहना पड़ा कि इस नियम का पहला सत्र 2017-18 होगा, फिर सत्र 2018-19 और 2019-20 का पेपर दिया जा सकेगा। इसके बाद तीन बार ही पेपर देने की अनिवार्यता का सख्ती से अनुपालन होगा। बहरहाल, स्टूडेंटों को राहत मिल गई है। अब स्टूडेंट ऑनलाइन फार्म भरकर प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। अभिभावकों ने भी चैन की सांस ली है। अभिभावकों का कहना है कि मेडिकल की कोचिंग पर काफी पैसा बर्बाद हुआ था। ऐसे में पेपर देने का मौका मिलना जरूरी था। एमसीआई शैक्षिक, शोध की गुणवत्ता का ध्यान रखे लेकिन स्टूडेंटों को जानकारी देने के बाद बदलाव करे।
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