डेटा हैक कर फिरौती में बिटकॉइन मांगने वाले साइबर हैकर तक नहीं पहुंच पायी पुलिस, याहू ने लगाई अड़चन
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कानपुर के सिविल लाइंस में रियल एस्टेट कंपनी का डेटा हैक कर फिरौती में बिटकॉइन मांगने के मामले में पुलिस का साइबर हैकर तक पहुंचना मुश्किल है। याहू (yahoo) के आयरलैंड स्थित हेडक्वार्टर ने इस संबंध में निजिता का अधिकार का हवाला देकर किसी भी तरह की जानकारी देने से इंकार कर दिया है। ऐसे में पुलिस को ये पता नहीं चल सका कि डेटा कहां से हैक हुआ और ई-मेल किसने और कहां से भेजा।
30 मार्च को सिविल लाइंस स्थित रुद्र रियल एस्टेट कंपनी के एकाउंट सेक्शन के कंप्यूटर का डेटा साइबर हैकर ने हैक कर लिया था। उसने ई-मेल के जरिए तीन मेल आईडी भेजी थीं। जिस पर संपर्क कर बिटकॉइन की मांग की थी। मामले में कोतवाली पुलिस व साइबर सेल ने जांच की थी।
जांच अधिकारी इंस्पेक्टर जगदीश यादव ने बताया कि जो ई-मेल आया था, उसका आईपी एड्रेस समेत भेजने वाली की जानकारी याहू से मांगी गई थी लेकिन कोई भी जानकारी नहीं दी गई। इस वजह से जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
पांच बार भेजा मेल पर जवाब नहीं आया
इंस्पेक्टर जगदीश ने बताया कि घटना के बाद से अब तक याहू को पांच बार ई-मेल भेजा। हर बार जवाब तो आया लेकिन ई-मेल संबंधी जानकारी नहीं दी गई। इस संबंध में साइबर सेल कानपुर व लखनऊ ने भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया, पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी
साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा ने बताया कि इस मामले में ई-मेल करने वाले का आईपी एड्रेस और मेल पर रजिस्टर मोबाइल नंबर का पता होना बेहद जरूरी है। इसी की मदद से हैकर को ट्रेस किया जा सकता है। यह जानकारी सिर्फ याहू दे सकता है। पुलिस अन्य किसी स्रोत से यह जानकारी नहीं जुटा सकती है। लिहाजा रिपोर्ट दर्ज करने के तीन महीने अधिक का समय बीतने के बाद पुलिस अब इसमें फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी में है।