फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Rapidly Decreasing the strength of engineering and polytechnic students

तेजी से घट रहे इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के छात्र, चौंकाने वाली एआईसीटीई की रिपोर्ट

Tue, 22 Jan 2019 11:04 AM IST
शिखा पांडेय हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 22 Jan 2019 11:04 AM IST
विज्ञापन
Rapidly Decreasing the strength of engineering and polytechnic students
डेमो पिक
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के छात्रों की संख्या में पिछले पांच सालों में काफी तेजी से गिरावट हुई है। साफ है कि अब इनका क्रेज घट रहा है। यही नहीं, आंकड़े बताते हैं कि होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी, एमसीए, मैनेजमेंट के छात्रों में भी गिरावट दर्ज की गई है।
विज्ञापन

 

काउंसिल की अप्रूवल प्रॉसेस हैंडबुक में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक डिप्लोमा/पोस्ट डिप्लोमा सर्टिफिकेट (पॉलिटेक्निक) के लिए सत्र 2018-19 में कुल 1199401 छात्रों का एडमिशन हुआ, जबकि यह संख्या सत्र 2017-18 में 1261059 थी। यही हालात इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में भी है। सत्र 2017-18 में इस कोर्स में 1662488 छात्र थे, जो सत्र 2018-19 में घटकर 1586341 पर पहुंच गई। हालांकि फार्मेसी और आर्किटेक्चर का क्रेज देखने को जरूर मिल रहा है। इसमें पिछले तीन सालों में लगातार वृद्धि हुई है।

विज्ञापन

Rapidly Decreasing the strength of engineering and polytechnic students
डेमो पिक
पांच सालों में ऐसे घट रहे छात्र

वर्ष                      पॉलिटेक्निक              इंजीनियरिंग                मैनेजमेंट
2014-15            1307344                 1901501              365352
2015-16            1310414                 1844642              350161
2016-17             1293843                 1752296              329273
2017-18             1261059                  1662488             393055
2018-19             1199401                   1586341            371813         

फार्मेसी और आर्किटेक्चर में हुई बढ़ोतरी
फार्मेसी और आर्किटेक्चर में पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार मेडिकल स्टोर खोलने के लिए सरकार ने जबसे फार्मेसी अनिवार्य किया है, तबसे इस ओर ज्यादा रुझान देखने को मिल रहा है। वहीं, आर्किटेक्चर में अब लोग नए तरह का कॅरियर देखने लगे हैं। दुनियाभर में अच्छे आर्किटेक्ट की डिमांड है। दोनों कोर्स के पिछले तीन वर्षों का आंकड़ा देखा जाए तो हर साल करीब एक-एक हजार छात्रों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed