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Kanpur News: 125 करोड़ के टेंडर घोटाले की जांच को गठित एसआईटी पर उठाए सवाल
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कानपुर। नगर निगम में 125 करोड़ के टेंडर घोटाले की जांच को गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पर भी पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। 12 पार्षदों ने इस संबंध में महापौर प्रमिला पांडेय को पत्र भेजकर इसका आधार और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। इसके साथ ही इसे कार्यकारिणी की कार्यसूची में रखने की मांग की है। यह पत्र महापौर प्रमिला पांडेय के व्हाट्सएप ग्रुप से जारी किया गया है जिसमें नगर आयुक्त से इस संबंध में आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। नीचे एक हस्ताक्षर है और महापौर कानपुर नगर निगम लिखा हुआ है।
पार्षद वंदना शर्मा, नीरज कुरील, मनीष मिश्रा, ज्योति पासवान, कुंती निषाद समेत करीब 12 पार्षदों की ओर से महापौर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि करीब दो माह से पुलिस के अधिकारी, नगर निगम मुख्यालय और विभिन्न विभागों से पत्रावलियां व अभिलेख मांग रहे हैं। जांच के संबंध में अब तक सदन या पार्षदों को औपचारिक सूचना नहीं दी गई है। इससे पार्षदों और कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली-1968 का हवाला देते हुए जांच के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति व लिखित आदेश उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से संबंधित दस्तावेज, जांच की अवधि, अधिकार क्षेत्र स्पष्ट कराने व विषय को सदन की आगामी बैठक में रखने का अनुरोध किया है।
पत्र भेजने वाले पार्षदों का कहना है कि नगर आयुक्त कार्यकारिणी और सदन में बताएं कि क्या उन्होंने इस संबंध में कोई पत्र भेजा है या उन्हें कोई निर्देश प्राप्त हुआ है। मौखिक निर्देश की स्थिति में उसकी लिखित कॉपी भी मुहैया कराई जाए। कहा कि क्या इस मामले में किसी पार्षद को व्यक्तिगत रूप से नोटिस दिया गया या उसे तलब किया गया है। मांग की गई है कि इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए आगामी कार्यकारिणी की बैठक की कार्यसूची में शामिल किया जाए और नगर आयुक्त से स्थिति स्पष्ट कराई जाए। साथ ही, पार्षदों व कर्मचारियों को विधिक प्रक्रिया से इतर किसी भी दबाव से संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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कार्यकारिणी की बैठक 24 को
कानपुर। महापौर प्रमिला पांडेय ने पिछले शुक्रवार को स्थगित की गई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक 24 अक्तूबर को बुलाई है। इसमें पार्षद सदस्यों की ओर से नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को घेरने की तैयारी है। बैठक में घर-घर कूड़ा उठान का टेंडर कंपनी को देने के साथ ही मंगल भवन सहित अन्य समितियों को भंग करने के मामले में नगर आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश हो सकता है। साथ ही, नगर निगम निधि से स्वीकृत सभी कार्यों, टेंडर, बजट आवंटन, खर्च को नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग भी पार्षदों ने की है। महापौर प्रमिला पांडेय भी कन्वेंशन सेंटर के टेंडर करने, कूड़ा उठान के मामले में नगर आयुक्त से जवाब मांग सकती हैं। (संवाद)
आज मुझे बुखार था तो मैं आराम कर रही हूं। मैंने पत्र देखा ही नहीं कि इसमें क्या है। मेरी तरफ से इसमें कोई जवाब नहीं है। -प्रमिला पांडेय, महापौर
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पार्षद वंदना शर्मा, नीरज कुरील, मनीष मिश्रा, ज्योति पासवान, कुंती निषाद समेत करीब 12 पार्षदों की ओर से महापौर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि करीब दो माह से पुलिस के अधिकारी, नगर निगम मुख्यालय और विभिन्न विभागों से पत्रावलियां व अभिलेख मांग रहे हैं। जांच के संबंध में अब तक सदन या पार्षदों को औपचारिक सूचना नहीं दी गई है। इससे पार्षदों और कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली-1968 का हवाला देते हुए जांच के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति व लिखित आदेश उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से संबंधित दस्तावेज, जांच की अवधि, अधिकार क्षेत्र स्पष्ट कराने व विषय को सदन की आगामी बैठक में रखने का अनुरोध किया है।
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पत्र भेजने वाले पार्षदों का कहना है कि नगर आयुक्त कार्यकारिणी और सदन में बताएं कि क्या उन्होंने इस संबंध में कोई पत्र भेजा है या उन्हें कोई निर्देश प्राप्त हुआ है। मौखिक निर्देश की स्थिति में उसकी लिखित कॉपी भी मुहैया कराई जाए। कहा कि क्या इस मामले में किसी पार्षद को व्यक्तिगत रूप से नोटिस दिया गया या उसे तलब किया गया है। मांग की गई है कि इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए आगामी कार्यकारिणी की बैठक की कार्यसूची में शामिल किया जाए और नगर आयुक्त से स्थिति स्पष्ट कराई जाए। साथ ही, पार्षदों व कर्मचारियों को विधिक प्रक्रिया से इतर किसी भी दबाव से संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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कार्यकारिणी की बैठक 24 को
कानपुर। महापौर प्रमिला पांडेय ने पिछले शुक्रवार को स्थगित की गई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक 24 अक्तूबर को बुलाई है। इसमें पार्षद सदस्यों की ओर से नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को घेरने की तैयारी है। बैठक में घर-घर कूड़ा उठान का टेंडर कंपनी को देने के साथ ही मंगल भवन सहित अन्य समितियों को भंग करने के मामले में नगर आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश हो सकता है। साथ ही, नगर निगम निधि से स्वीकृत सभी कार्यों, टेंडर, बजट आवंटन, खर्च को नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग भी पार्षदों ने की है। महापौर प्रमिला पांडेय भी कन्वेंशन सेंटर के टेंडर करने, कूड़ा उठान के मामले में नगर आयुक्त से जवाब मांग सकती हैं। (संवाद)
आज मुझे बुखार था तो मैं आराम कर रही हूं। मैंने पत्र देखा ही नहीं कि इसमें क्या है। मेरी तरफ से इसमें कोई जवाब नहीं है। -प्रमिला पांडेय, महापौर