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खुल्ले के चक्कर में आदमी नहीं खरीद पा रहा नून तेल
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 04 Dec 2016 09:28 PM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में नोटबंदी ने लोगों का सुख चैन छीन लिया है। लोग नई करेंसी को लेकर परेशान हैं। बैंक अपने खाते धारकों को हफ्ते में सिर्फ एक बार दो हजार रुपये का एक नोट दे रहा है। लोग अपने रोजमर्रा के सामान खरीदने को लेकर परेशान हैं।
नून तेल खरीद पाना भी बना मुसीबत
हमीरपुर के कल्ला गांव निवासी मुन्नीलाल प्रजापति भी बैंक के इर्दगिर्द घूमता मिला। पूछने पर कहा कि भइया यह दो हजार का नोट फुटकर नहीं हो रहा है। वह पूरी बाजार घूम आया है।
खुल्ले रुपये न होने से राशन में नून तेल तक नहीं खरीद सका है। उसे नातिनों की स्कूल की फीस भी जमा करनी है। कहने लगा कि बाजार नहीं निपट पा रहा हूं अन्ना जानवर खेत की फसल चरे जा रहे हैं।
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नून तेल खरीद पाना भी बना मुसीबत
हमीरपुर के कल्ला गांव निवासी मुन्नीलाल प्रजापति भी बैंक के इर्दगिर्द घूमता मिला। पूछने पर कहा कि भइया यह दो हजार का नोट फुटकर नहीं हो रहा है। वह पूरी बाजार घूम आया है।
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खुल्ले रुपये न होने से राशन में नून तेल तक नहीं खरीद सका है। उसे नातिनों की स्कूल की फीस भी जमा करनी है। कहने लगा कि बाजार नहीं निपट पा रहा हूं अन्ना जानवर खेत की फसल चरे जा रहे हैं।
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