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Kanpur News: वादे और दावे कागजी, भाई-बहन का माता-पिता बन गया किशोर

Tue, 19 May 2026 01:31 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2026 01:31 AM IST
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Promises and claims were just on paper, and a teenager became the parent of a brother and sister.
कानपुर। महाराजपुर क्षेत्र के पुरमावीर गांव में चाचा-चाची की क्रूरता के शिकार चार बच्चों के पास जाकर प्रशासनिक अधिकारियों ने कई तरह की मदद के वादे और दावे किए। हालांकि, हकीकत में चार दिन बाद सोमवार की शाम तक भी बच्चों को कोई ठोस मदद नहीं मिल पाई। 14 वर्षीय किशोर ही अपने दो छोटे भाइयों और इकलौती बहन का माता-पिता बन कर उनका पूरा ध्यान रख रहा है।
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पुरमावीर गांव निवासी चारों बच्चों के मां-बाप का बीमारी से निधन हो चुका है। एक छोटे से कमरे में बगैर बिजली कनेक्शन के चारों बच्चे एक टूटी चारपाई, एक छाता, एक चादर और कुछ बर्तनों के साथ रहते हैं। बड़ा भाई रोजाना सुबह उठता है तो लकड़ियां बीन कर लाता है। छोटे भाइयों और बहन को जगाकर उन्हें नित्य-क्रिया से निवृत्त कराता है और बर्तन धुलता है। ईंट रख कर बनाए गए चूल्हे पर आग जलाकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से मिली खाद्य सामग्री से खाना बनाकर भाइयों-बहन को खिलाता है। ग्रामीणों ने कहा कि चारों बच्चों का बुरा दौर चल रहा है। हालांकि, बड़ा भाई अपने फर्ज का निर्वहन जिम्मेदारी के साथ कर रहा है। उम्मीद है कि समय बदलेगा और चारों बच्चों के दिन बहुरेंगे।
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मां-बाप नहीं हैं, तमाम तरह के अभाव के बीच बचपन गुजर रहा है लेकिन चारों बच्चे अपनी छोटी सी दुनिया में खुश हैं। मासूम बच्चों ने सोमवार को कहा कि भैया बहुत अच्छा खाना नहीं बना पाता है लेकिन अब खाना मांगने पर पहले जैसी मार तो नहीं खानी पड़ती है। बाकी, कोई न कोई आता ही रहता है और कुछ मदद करके ही जाता है।
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एआरओ लक्ष्मण राम और कोटेदार कृष्ण कुमार ने सोमवार को चारों बच्चों से मुलाकात की। बताया कि राशन के लिए बच्चों का अंत्योदय कार्ड बनाया जा रहा है। चारों बच्चों के नाबालिग होने की वजह से उनका संरक्षक उनके छोटे चाचा को बनाया गया है। पांच किलो वाले गैस सिलिंडर और चूल्हे का कनेक्शन भी छोटे चाचा के नाम पर कराया गया है। सिलिंडर और चूल्हा एक से दो दिन में मिल जाएगा।
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