{"_id":"5f27c0c78ebc3e7e51605d98","slug":"prisoners-and-detainees-tied-rakhi-themselves","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कैदी व बंदियों ने खुद बांधी राखी, कोरोना के चलते मुलाकात पर रोक होने से 235 बहनों ने जेल पहुंचाई राखी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैदी व बंदियों ने खुद बांधी राखी, कोरोना के चलते मुलाकात पर रोक होने से 235 बहनों ने जेल पहुंचाई राखी
Mon, 03 Aug 2020 01:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 03 Aug 2020 01:17 PM IST
विज्ञापन
रक्षाबंधन।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में कोरोना महामारी के चलते जेल में बंद कैदी और बंदी रक्षाबंधन त्योहार पर खुद अपनी कलाई में राखी बांधी। रक्षाबंधन त्योहार पर बहनों का प्यार भाइयों को मिल सके, इसके लिए जेल प्रशासन ने रविवार शाम तक जेल में राखी पहुंचाने का बहनों को समय दिया था। जिसके चलते 235 बहनों ने राखी के अलावा रोली और अक्षत जेल की कोविड हेल्प डेस्क पर जमा किए हैं।
जेलर ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बंदी और कैदियों को बचाने के लिए मुलाकात पर रोक लगी है। जिसके चलते रक्षाबंधन त्योहार पर भी बहनों को भाइयों से मिलने और उन्हें राखी बांधने पर रोक लगाई गई है। हालांकि राखी, रोली और अक्षत जेल पहुंचाने की छूट बहनों को दी गई थी। बताया कि इस समय जेल में 1106 बंदी व कैदी हैं।
विज्ञापन
जेलर ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बंदी और कैदियों को बचाने के लिए मुलाकात पर रोक लगी है। जिसके चलते रक्षाबंधन त्योहार पर भी बहनों को भाइयों से मिलने और उन्हें राखी बांधने पर रोक लगाई गई है। हालांकि राखी, रोली और अक्षत जेल पहुंचाने की छूट बहनों को दी गई थी। बताया कि इस समय जेल में 1106 बंदी व कैदी हैं।
विज्ञापन
रविवार शाम तक 235 बंदी और कैदियों के लिए उनकी बहनें राखी भेज चुकी हैं। इसके अलावा अस्थायी जेल में भी 30 बंदियों के लिए राखी, अक्षत व रोली पहुंच चुकी है। सभी राखियों को सैनिटाइज करा दिया गया है। सोमवार को संबंधित बंदियों को राखी का लिफाफा सौंपा जाएगा।
बंदी व कैदी अपने हाथ से खुद को राखी बांधेंगे। मेवा और मिष्ठान लाने पर पूर्णतया पाबंदी लगाई गई है। बंदी और कैदियों को जेल में ही लजीज व्यंजन देने की व्यवस्था की गई है। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि जेल में बंद महिला बंदियों के राखी के पैकेट उनके भाइयों तक पहुंचा दिए गए हैं।
कोविड हेल्प डेस्क पर जमा कराए गए लिफ ाफे
जेल प्रशासन ने मुख्य गेट पर कोविड हेल्प डेस्क बना रखी है। इसी डेस्क पर बंदियों के लिए उनकी बहनों ने 29 जुलाई से राखी, रोली व अक्षत का लिफाफा जमा करना शुरू कर दिया था। 1 अगस्त की शाम 4 बजे तक लिफ ाफे जमा करा लिए गए हैं। लिफाफे में बहनों ने एक ओर संबंधित बंदी का नाम, पता व दूसरी ओर खुद का नाम, नंबर व पता लिखा है।
बंदी व कैदी अपने हाथ से खुद को राखी बांधेंगे। मेवा और मिष्ठान लाने पर पूर्णतया पाबंदी लगाई गई है। बंदी और कैदियों को जेल में ही लजीज व्यंजन देने की व्यवस्था की गई है। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि जेल में बंद महिला बंदियों के राखी के पैकेट उनके भाइयों तक पहुंचा दिए गए हैं।
कोविड हेल्प डेस्क पर जमा कराए गए लिफ ाफे
जेल प्रशासन ने मुख्य गेट पर कोविड हेल्प डेस्क बना रखी है। इसी डेस्क पर बंदियों के लिए उनकी बहनों ने 29 जुलाई से राखी, रोली व अक्षत का लिफाफा जमा करना शुरू कर दिया था। 1 अगस्त की शाम 4 बजे तक लिफ ाफे जमा करा लिए गए हैं। लिफाफे में बहनों ने एक ओर संबंधित बंदी का नाम, पता व दूसरी ओर खुद का नाम, नंबर व पता लिखा है।