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दर्दनाक: तीन दिन में खो दिए पिता, ससुर और पति, इस प्रिंसिपल पर टूटा दुखों का पहाड़
Sat, 01 May 2021 08:42 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 01 May 2021 08:42 AM IST
सार
प्रिंसिपल डॉ. किरण प्रजापति के घर कोरोना ने कहर बरपाया। उन्होंने तीन दिन के भीतर अपने पिता, ससुर और पति को खो दिया। तीनों का निधन कोरोना से हुआ। पति की जान वेंटिलेटर न मिलने से गई।
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फाइल फोटो
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
कानपुर के राजकीय इंटर कॉलेज कासिमपुर की प्रिंसिपल डॉ. किरण प्रजापति के घर कोरोना ने कहर बरपाया। उन्होंने तीन दिन के भीतर अपने पिता, ससुर और पति को खो दिया। तीनों का निधन कोरोना से हुआ। पति की जान वेंटिलेटर न मिलने से गई।
आवास विकास केशवपुरम की रहने वाली डॉ. किरण प्रजापति कासिमपुर में प्रधानाचार्य होने के साथ-साथ जिला विज्ञान क्लब की अध्यक्ष भी हैं। डॉ. किरण के पिता, ससुर की काफी समय से तबीयत खराब थी। दोनों कोरोना संक्रमित थे। उनके पति ध्रवेश प्रजापति सिविल इंजीनियर थे।
उन्होंने कोरोना वैक्सीन लगवाई थी, जिसके बाद से उनको बुखार आ रहा था। जांच करवाई तो डॉक्टर ने टाइफाइड बताकर उनका इलाज शुरू कर दिया। तबीयत में सुधार न होने पर परिजन उनको लेकर कोरोना जांच के लिए एक निजी पैथोलॉजी पहुंचे। वहां ऑक्सीजन लेवल नापा, जो काफी कम था।
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डॉक्टरों की सलाह पर परिवार उन्हें भर्ती कराने के लिए अस्पताल-दर-अस्पताल भटका। अंतत: मरियमपुर अस्पताल में बेड मिला। आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आने पर सीटी स्कैन कराया गया। इसमें फेफड़ों में संक्रमण की पुष्टि हुई। काफी जद्दोजहद के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। लेकिन, दो दिन बाद डॉक्टरों ने जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया।
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आवास विकास केशवपुरम की रहने वाली डॉ. किरण प्रजापति कासिमपुर में प्रधानाचार्य होने के साथ-साथ जिला विज्ञान क्लब की अध्यक्ष भी हैं। डॉ. किरण के पिता, ससुर की काफी समय से तबीयत खराब थी। दोनों कोरोना संक्रमित थे। उनके पति ध्रवेश प्रजापति सिविल इंजीनियर थे।
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उन्होंने कोरोना वैक्सीन लगवाई थी, जिसके बाद से उनको बुखार आ रहा था। जांच करवाई तो डॉक्टर ने टाइफाइड बताकर उनका इलाज शुरू कर दिया। तबीयत में सुधार न होने पर परिजन उनको लेकर कोरोना जांच के लिए एक निजी पैथोलॉजी पहुंचे। वहां ऑक्सीजन लेवल नापा, जो काफी कम था।
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डॉक्टरों की सलाह पर परिवार उन्हें भर्ती कराने के लिए अस्पताल-दर-अस्पताल भटका। अंतत: मरियमपुर अस्पताल में बेड मिला। आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आने पर सीटी स्कैन कराया गया। इसमें फेफड़ों में संक्रमण की पुष्टि हुई। काफी जद्दोजहद के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। लेकिन, दो दिन बाद डॉक्टरों ने जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया।
इसके दो दिन बाद उनकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी। मरियमपुर में वेंटिलेटर न होने पर डॉक्टरों ने दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा। परिवार वेंटिलेटर की तलाश में अस्पतालों के चक्कर लगा ही रहा था कि बुधवार को पहले डॉ. किरण के पिता का निधन हो गया। गुरुवार को उनके ससुर ने दम तोड़ दिया और वेंटिलेटर न मिलने से शुक्रवार को ध्रुवेश भी चल बसे।