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कानपुर: शिक्षिका के शारीरिक शोषण में प्रधानाचार्य को जेल, महिला ने पुलिस को साक्ष्य के रूप में दी थी रिकॉर्डिंग
Wed, 09 Sep 2020 01:43 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 09 Sep 2020 01:43 AM IST
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कानपुर में नौबस्ता थाना क्षेत्र के एक प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका का शारीरिक शोषण करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर प्रिंसिपल को जेल भेज दिया गया। शिक्षिका ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि वह पांच-भाई बहन हैं।
सभी राजीव विहार स्थित लक्ष्मी विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ते हैं। शिक्षिका के अनुसार इंटर करने के बाद प्रिंसिपल अवधेश कुमार यादव के कहने पर वह इसी स्कूल में पढ़ाने लगी थी। इस दौरान प्रिंसिपल ने उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया।
अपने भाई-बहनों को स्कूल से हटाने की बात कही तो 70 हजार रुपये फीस का बकाया बताकर यहीं पढ़ाने का दबाव बनाया। उसकी हाईस्कूल और इंटर की मार्कशीट तक नहीं दीं। पीड़िता ने पुलिस को वाइस और वीडियो रिकार्डिंग भी दी थी। इसी आधार पर पुलिस ने प्रिंसिपल को जेल भेज दिया।
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पूर्व में भी बदनाम रहा है स्कूल
थाना प्रभारी कुंज बिहारी मिश्रा ने बताया कि यह स्कूल पूर्व में भी बदनाम रहा है। 2014 में किसी से जमीन के विवाद में स्कूल के अंदर एक बच्चे की हत्या कर दी गई थी। इस घटना को हादसा दिखाया गया था
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सभी राजीव विहार स्थित लक्ष्मी विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ते हैं। शिक्षिका के अनुसार इंटर करने के बाद प्रिंसिपल अवधेश कुमार यादव के कहने पर वह इसी स्कूल में पढ़ाने लगी थी। इस दौरान प्रिंसिपल ने उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया।
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अपने भाई-बहनों को स्कूल से हटाने की बात कही तो 70 हजार रुपये फीस का बकाया बताकर यहीं पढ़ाने का दबाव बनाया। उसकी हाईस्कूल और इंटर की मार्कशीट तक नहीं दीं। पीड़िता ने पुलिस को वाइस और वीडियो रिकार्डिंग भी दी थी। इसी आधार पर पुलिस ने प्रिंसिपल को जेल भेज दिया।
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पूर्व में भी बदनाम रहा है स्कूल
थाना प्रभारी कुंज बिहारी मिश्रा ने बताया कि यह स्कूल पूर्व में भी बदनाम रहा है। 2014 में किसी से जमीन के विवाद में स्कूल के अंदर एक बच्चे की हत्या कर दी गई थी। इस घटना को हादसा दिखाया गया था