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Kanpur News: वापस नौकरी पर जाने वाला था प्रदीप, खाना खिलाने के बहाने कर दी हत्या

Thu, 30 Oct 2025 01:57 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Thu, 30 Oct 2025 01:57 AM IST
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Pradeep was about to return to his job, but was murdered on the pretext of feeding him.
कानपुर देहात। प्रदीप हत्याकांड में पकड़े गए मयंक व ऋषि ने पुलिस को कई अहम जानकारियां दी हैं। दोनों ने बताया कि प्रदीप 27 अक्तूबर को वापस आंध्र प्रदेश लौटने वाला था। आरोपी मौका नहीं खोना चाहते थे। इसलिए उन्होंने 26 अक्तूबर की शाम सात बजे उसे खाना खिलाने की बात कहते हुए होटल चलने के लिए तैयार किया। इसके बाद कार में बैठने पर मयंक ने हथौड़ी से सिर पर वार कर हत्या कर दी। इसके बाद हादसे का रूप देने के लिए शव हाईवे किनारे फेंक दिया था।
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पुलिस हिरासत में आए मयंक ने बताया कि प्रदीप की पिता की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। इसी बीच मयंक की मां ममता से उसके संबंध हो गए। इस बात की भनक प्रदीप को लग गई थी। वह मां से किनारा करने लगा और बाहर जाकर नौकरी कर रहा था। वह उसे रास्ते से हटाने के लिए साजिश रचने लगा। इसी साजिश के तहत ही उसने ममता के साथ मिलकर वर्ष 2023 में चार पॉलिसी करा दी। उसकी किस्त भी वह व उसका भाई ऋषि मिल कर भर रहे थे।
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बस उन्हें इंतजार एक मौके का था। दिवाली की छुट्टी पर प्रदीप घर आया तो उन्होंने साजिश के तहत वारदात को अंजाम दे दिया। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि वारदात के बाद पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही थी। इधर मृतक के बाबा ने पौत्र की हत्या के आरोप लगाए मगर मां शांत थी। लगाए गए आरोपों पर पुलिस जांच करते हुए घटना के खुलासे के लिए थाना पुलिस के साथ स्वाट, सर्विलांस की टीमें लगाईं। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ी। अहम सुराग मिलने पर दोनों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मां की तलाश की जा रही है।
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मंगलवार को दर्ज हुई थी ऋषि व मयंक पर रिपोर्ट
प्रदीप की हत्या के बाद बाबा जगदीश नारायण ने गांव के मयंक व ऋषि पर पौत्र की हत्या किए जाने के आरोप लगाए थे। इसके बाद ग्रामीणों में चर्चा थी कि ऋषि शातिर किस्म का व्यक्ति है। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वर्तमान में भी अवैध कार्यों में लिप्त है। लोगों ने 26 अक्तूबर की शाम को ऋषि मयंक के साथ प्रदीप को कार में बैठा देखा था। इस पर मंगलवार को ही बरौर थाने में पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की।
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मां दे रही थी बेटे के हर गतविधि की जानकारी
दिवाली का त्योहार परिजन संग मनाने के लिए प्रदीप दिवाली से पहले ही गांव लौटा था। पुलिस की छानबीन में यह पता चला कि बेटे की प्रत्येक गतिविधियों की जानकारी मां अपने प्रेमी मयंक को दे रही थी। गौरव 27 अक्तूबर को वापस आंध्र प्रदेश लौटने वाला था। इसकी जानकारी भी ममता ने ही मयंक व ऋषि को दी थी।
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अधिक लाभ लेने के लिए दिखाना चाहते थे दुर्घटना का रूप
एएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि प्रदीप की बीमा पालिसी एक साजिश के तहत कराई गई थी। पालिसी में मां ममता नॉमिनी थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें मालूम था कि हादसा होने पर क्लेम अधिक मिलता है। इसलिए प्रदीप की हत्या के बाद शव हाईवे किनारे फेंक दिया था, जिससे दुर्घटना साबित हो। इसीलिए आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए हथौड़ी का प्रयोग किया। जिससे दुर्घटना साबित हो सके। एएसपी ने बताया कि प्रदीप की चार पालिसी होने की जानकारी मिली है। इसकी हकीकत का पता लगाया जा रहा है।
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कोमल हैं कमजोर नहीं, शक्ति का नाम ही नारी है
कानपुर देहात। कोमल है कमजोर नहीं, शक्ति का नाम ही नारी है, इस कहावत को बरौर थानाध्यक्ष अमिता वर्मा ने सच कर दिखाया है। मंगलवार रात को जिले में पहली बार किसी महिला अधिकारी ने एंकाउंटर के दौरान टीम का नेतृत्व कर शातिर को गिरफ्तार किया है।
कानपुर देहात में दस्यु के समय से लेकर अभी तक हुए सभी एंकाउंटर पुरुष अधिकारी के नेतृत्व में पूरे किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि मंगलवार रात को स्वयं को पुलिस से घिरा देख शातिर ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में ऋषि के पैर में गोली लगने से घायल हुआ है। गिरफ्तार होने पर ऋषि पुलिस टीम से अपनी किए पर माफी मांगकर गिड़गिड़ाता नजर आया। थानाध्यक्ष अमिता वर्मा ने बताया कि यह पहला मौका था जब वह टीम को लीड कर रही थीं।

एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि गौरव हत्याकांड के आरोपी ऋषि कटियार ने स्वयं को पुलिस से घिरा देख पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। टीम की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में ऋषि पैर में गोली लगी। जिससे वह घायल हो गया है। इस ऑपरेशन का नेतृत्व करने के साथ बरौर थानाध्यक्ष अमिता वर्मा एनकाउंटर जैसे ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाली जिले की पहली महिला पुलिस अधिकारी बनी हैं। उनका यह योगदान पुलिस के लिए गौरवपूर्ण है।
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