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रोगी के पेट में चाकू-कैंची और बिजली गुल, ऑपरेशन थिएटर में सांस रोके खड़ी रही डॉक्टरों की टीम
Tue, 24 Dec 2019 04:10 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 24 Dec 2019 04:10 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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कानपुर हैलट में सर्जरी विभाग के तीन आपरेशन थिएटरों में गंभीर रोगियों के आपरेशन हो रहे थे। सर्जन चाकू और दूसरे उपकरण रोगियों के पेट में डाले हुए थे और अचानक बिजली गुल हो गई। ऐसे में रोगियों की पल्स और ब्लड प्रेशर के उतार-चढ़ाव की भी रीडिंग नहीं हो पाई।
इस स्थिति में रोगी की जान सकती थी। बिजली छह मिनट बाद आई तब तक सर्जरी और अनेस्थेसिया के डाक्टरों की टीम सांस रोके सन्न खड़ी रही। सर्जरी विभाग के तीन आपरेशन थिएटर में डॉ. अभिनव सेंगर, डॉ. अनुराग सिंह और डॉ. आरके जौहरी आपरेशन कर रहे थे।
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इस स्थिति में रोगी की जान सकती थी। बिजली छह मिनट बाद आई तब तक सर्जरी और अनेस्थेसिया के डाक्टरों की टीम सांस रोके सन्न खड़ी रही। सर्जरी विभाग के तीन आपरेशन थिएटर में डॉ. अभिनव सेंगर, डॉ. अनुराग सिंह और डॉ. आरके जौहरी आपरेशन कर रहे थे।
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एक रोगी की लेप्रोस्कोपिक विधि से पित्त की थैली की सर्जरी की जा रही थी। एक रोगी की आंतों को जोड़ा जा रहा था और तीसरे रोगी का फिस्टुला का आपरेशन हो रहा था। बिजली जाते ही आपरेशन थिएटर में मॉनीटर समेत सारे उपकरण बंद हो गए।
सर्जन और अनेस्थेसिया विशेषज्ञ ऐसे मौके पर हर पल रोगी के ब्लड प्रेशर और सांस तंत्र की स्थिति की मॉनीटरिंग करते हैं। रोगियों की मॉनीटरिंग बाधित रही। डाक्टरों का कहना है कि छह मिनट रोगी की स्थिति उलटने-पलटने के लिए पर्याप्त होते हैं।
सर्जन और अनेस्थेसिया विशेषज्ञ ऐसे मौके पर हर पल रोगी के ब्लड प्रेशर और सांस तंत्र की स्थिति की मॉनीटरिंग करते हैं। रोगियों की मॉनीटरिंग बाधित रही। डाक्टरों का कहना है कि छह मिनट रोगी की स्थिति उलटने-पलटने के लिए पर्याप्त होते हैं।
उपकरण रोगी के पेट में थे अगर ऐसे में जरा सी भी चूक हो जाती तो रोगी की जान जा सकती थी। रोगी के हृदय की स्थिति भी अचानक बिगड़ सकती थी। विभाग का यूपीएस काम नहीं कर रहा।
इस संबंध में कई बार प्रबंधन से शिकायत की जा चुकी है। इस संबंध में हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि यूपीएस की व्यवस्था कराई गई। आपरेशन थिएटर में बैक अप दिया गया। मंगलवार को मामले की जांच कराएंगे कि कहीं बैटरी तो डिस्चार्ज नहीं हो गई।
इस संबंध में कई बार प्रबंधन से शिकायत की जा चुकी है। इस संबंध में हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि यूपीएस की व्यवस्था कराई गई। आपरेशन थिएटर में बैक अप दिया गया। मंगलवार को मामले की जांच कराएंगे कि कहीं बैटरी तो डिस्चार्ज नहीं हो गई।