फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Poverty hinders daughter's education, DM promises to pay fees, The daughter had come with her father to thank the DM for vacating the house from the businessman.

Kanpur News: बेटी की पढ़ाई में गरीबी बाधा, डीएम ने किया फीस भरने का वादा

Sat, 01 Mar 2025 01:46 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Mar 2025 01:46 AM IST
विज्ञापन
Poverty hinders daughter's education, DM promises to pay fees, 
The daughter had come with her father to thank the DM for vacating the house from the businessman.
छात्रा संग जिला​​धिकारी। - फोटो : सूचना विभाग
कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के आदेश पर 25 वर्ष बाद मकान से कब्जा हटने पर शुक्रवार को कलक्ट्रेट में धन्यवाद देने पहुंचे फरियादी की बेटी को डीएम ने कोचिंग में दाखिला दिला दिया। बेटी यूपीएससी की तैयारी करना चाहती थी पर गरीबी रास्ते में बाधा बन रही थी। शुक्रवार को जनता दर्शन में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने उसकी फीस खुद भरने की बात कही।
विज्ञापन


जिलाधिकारी को जनता दर्शन के दौरान दो सप्ताह पहले नौबस्ता पुरानी बस्ती निवासी राजकुमार कुशवाहा ने बताया था कि 25 साल पहले मकान किराये पर देते समय एक व्यापारी से 1.30 लाख रुपये की पगड़ी ली थी। मेरी आर्थिक स्थित सही नहीं है जिस कारण मैं पगड़ी की धनराशि वापस नहीं कर पा रहा हूं। व्यापारी अब 1.65 लाख रुपये देने के बाद ही कब्जा छोड़ने की बात कह रहा है। ऐसे में डीएम ने एसीएम प्रथम राजेश कुमार को मामला निस्तारित करने के निर्देश दिए थे। एसीएम ने एक सप्ताह में कब्जा खाली करा दिया था।
विज्ञापन


शुक्रवार को राजकुमार अपनी बेटी देवांशी संग जिलाधिकारी को धन्यवाद देने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान डीएम ने देवांशी से पढ़ाई के बारे में पूछा तो उसने बताया कि डीबीएस कॉलेज से स्नातक द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हूं। इंटर में अच्छे अंक आने पर तत्कालीन मंडलायुक्त ने सम्मानित किया था, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण यूपीएससी की तैयारी का सपना अधूरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर डीएम ने उसे शिक्षक की तरह पढ़ाई-लिखाई के बारे में गाइड किया और अपना मोबाइल नंबर दिया। इसके बाद कोचिंग करने की इच्छा पूछी तो उसने हां कर दिया। जिलाधिकारी ने मोबाइल से एक कोचिंग संचालक को फोन किया। संचालक से कहा, जितनी भी फीस लगेगी, मैं स्वयं अदा करूंगा। कोचिंग में प्रवेश की समस्या हल होने पर देवांशी भावुक हो गई। पिता-पुत्री ने जिलाधिकारी से धन्यवाद कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed