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Kanpur News: हवाई अड्डे से फ्लाइट बढ़ने, नाइट लैंडिंग की संभावना
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सांसद रमेश अवस्थी
- फोटो : स्वयं
कानपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पत्र और गुरुवार को सांसद रमेश अवस्थी की नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव से मुलाकात से अहिरवां हवाईअड्डे से फ्लाइट बढ़ने और नाइट लैंडिंग की भी सुविधा शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
सांसद रमेश अवस्थी ने अहिरवां एयरपोर्ट से नाइट लैंडिंग की सुविधा के लिए रक्षा मंत्री को पिछले साल आठ अक्तूबर और एक नवंबर को पत्र लिखा था। रक्षा मंत्री ने चार मार्च को पत्र के जवाब में उन्हें जानकारी दी कि कानपुर हवाई अड्डे में बेहतर उड़ान सुविधाओं के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) संचालन के संबंध में जांच कराई गई। बताया कि यह किसी अन्य संयुक्त उपयोगकर्ता हवाई क्षेत्र की तरह दो शिफ्ट में कार्यरत है। नाइट लैंडिंग की सुविधा के लिए आईएलएस-कैंट-2 सहित सभी आवश्यक प्रावधान हैं।
भारतीय वायु सेना निगरानी घंटे के भीतर वायु यातायात सेवाएं प्रदान करती हैं। इसके बाहर की सेवाएं एएआई (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की तरफ से दी जाती हैं। वायु सेना ने विस्तारीकरण से कभी इन्कार नहीं किया गया है। वर्तमान में दिनभर में केवल तीन उड़ान होने के कारण अन्य स्लॉट का उपयोग नहीं हो पा रहा है। यदि एएआई पर्याप्त संख्या बल प्रदान करे तो कानपुर हवाई अड्डे पर चौबीसों घंटे कार्य संचालन किया जा सकता है। सांसद ने बताया कि पत्र मिलने के बाद गुरुवार को उन्होंने नागर विमानन मंत्रालय के सचिव वुमलुनमंग वुअल्नम से मुलाकात की। उनसे दिल्ली की फ्लाइट का समय बदलकर सुबह करने, कोलकाता की फ्लाइट पुन: चालू करने के साथ ही अहमदाबाद, पुणे के लिए भी नियमित फ्लाइटों की मांग की।
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सांसद रमेश अवस्थी ने अहिरवां एयरपोर्ट से नाइट लैंडिंग की सुविधा के लिए रक्षा मंत्री को पिछले साल आठ अक्तूबर और एक नवंबर को पत्र लिखा था। रक्षा मंत्री ने चार मार्च को पत्र के जवाब में उन्हें जानकारी दी कि कानपुर हवाई अड्डे में बेहतर उड़ान सुविधाओं के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) संचालन के संबंध में जांच कराई गई। बताया कि यह किसी अन्य संयुक्त उपयोगकर्ता हवाई क्षेत्र की तरह दो शिफ्ट में कार्यरत है। नाइट लैंडिंग की सुविधा के लिए आईएलएस-कैंट-2 सहित सभी आवश्यक प्रावधान हैं।
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भारतीय वायु सेना निगरानी घंटे के भीतर वायु यातायात सेवाएं प्रदान करती हैं। इसके बाहर की सेवाएं एएआई (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की तरफ से दी जाती हैं। वायु सेना ने विस्तारीकरण से कभी इन्कार नहीं किया गया है। वर्तमान में दिनभर में केवल तीन उड़ान होने के कारण अन्य स्लॉट का उपयोग नहीं हो पा रहा है। यदि एएआई पर्याप्त संख्या बल प्रदान करे तो कानपुर हवाई अड्डे पर चौबीसों घंटे कार्य संचालन किया जा सकता है। सांसद ने बताया कि पत्र मिलने के बाद गुरुवार को उन्होंने नागर विमानन मंत्रालय के सचिव वुमलुनमंग वुअल्नम से मुलाकात की। उनसे दिल्ली की फ्लाइट का समय बदलकर सुबह करने, कोलकाता की फ्लाइट पुन: चालू करने के साथ ही अहमदाबाद, पुणे के लिए भी नियमित फ्लाइटों की मांग की।
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