{"_id":"5ec0ad758ebc3e904359f046","slug":"police-saved-the-life-of-a-woman-in-kannauj","type":"story","status":"publish","title_hn":"कन्नौज: फरिश्ता बनकर पहुंची पुलिस, बचा ली महिला की जान, पति से विवाद के बाद महिला ने खा लिया था जहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कन्नौज: फरिश्ता बनकर पहुंची पुलिस, बचा ली महिला की जान, पति से विवाद के बाद महिला ने खा लिया था जहर
Sun, 17 May 2020 08:55 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 17 May 2020 08:55 AM IST
विज्ञापन
यूपी पुलिस
- फोटो : गूगल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही एक महिला के लिए पुलिस फरिश्ता साबित हुई। पुलिस ने महिला को अस्पताल पहुंचाकर जिंदगी बचा ली। एसपी ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने के लिए कहा है।
इटावा के जसवंतनगर थानाक्षेत्र के गांव नगला राम सुंदर निवासी मनीष कुमार ने करीब छह वर्ष पूर्व बहन रीना देवी की शादी सदर कोतवाली के दंदौरा बुजुर्ग में रहने वाले परमार सिंह के साथ की थी। मनीष ने बताया कि शुक्रवार रात रीना देवी का पति से विवाद हो गया। इसके बाद जहर खा लिया।
हालत बिगड़ने पर रीना देवी तड़पने लगीं। पति अस्पताल नहीं ले गया। पड़ोसियों ने भाई मनीष सिंह को फोन से जानकारी दी। मनीष ने इटावा से यूपी 112 डायल कर पुलिस को मामले से अवगत कराया। आठ मिनट में पीआरवी 1648 के मुख्य आरक्षी विनोद कुमार, सिपाही वीरेंद्र कुमार और होमगार्ड रघुनाथ सिंह मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन
जेठानी पार्वती के साथ रीना देवी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने बताया कि अगर थोड़ी देर और हो जाती तो रीना को बचाना मुश्किल था। हालत सुधरने के बाद शनिवार को चिकित्सकों ने घर भेज दिया।
विज्ञापन
इटावा के जसवंतनगर थानाक्षेत्र के गांव नगला राम सुंदर निवासी मनीष कुमार ने करीब छह वर्ष पूर्व बहन रीना देवी की शादी सदर कोतवाली के दंदौरा बुजुर्ग में रहने वाले परमार सिंह के साथ की थी। मनीष ने बताया कि शुक्रवार रात रीना देवी का पति से विवाद हो गया। इसके बाद जहर खा लिया।
विज्ञापन
हालत बिगड़ने पर रीना देवी तड़पने लगीं। पति अस्पताल नहीं ले गया। पड़ोसियों ने भाई मनीष सिंह को फोन से जानकारी दी। मनीष ने इटावा से यूपी 112 डायल कर पुलिस को मामले से अवगत कराया। आठ मिनट में पीआरवी 1648 के मुख्य आरक्षी विनोद कुमार, सिपाही वीरेंद्र कुमार और होमगार्ड रघुनाथ सिंह मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन
जेठानी पार्वती के साथ रीना देवी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने बताया कि अगर थोड़ी देर और हो जाती तो रीना को बचाना मुश्किल था। हालत सुधरने के बाद शनिवार को चिकित्सकों ने घर भेज दिया।