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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Police is protecting a human skeleton locked in coffin for 45 months, body was found hanging from tree in 2020

UP: 45 महीनों से ताबूत में बंद मानव कंकाल की सुरक्षा कर रही पुलिस, 2020 में पेड़ से लटका मिला था शव, पढ़ें मामला

Sun, 30 Jun 2024 05:51 AM IST
हिमांशु अवस्थी राघवेंद्र सिंह यादव, अमर उजाला, कानपुर
राघवेंद्र सिंह यादव, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 30 Jun 2024 05:51 AM IST
सार

Kanpur News: भीतरगांव चौकी के तत्कालीन प्रभारी राजेश बाजपेई ने बताया कि साल 2020 में शव के रूप में केवल कंकाल मिला था। यह करीब 20-25 दिन पुराना था। इस वजह से मरने वाले की पहचान नहीं हो सकी थी। इसके चलते किसी ने शव पर दावा नहीं किया था।

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Police is protecting a human skeleton locked in coffin for 45 months, body was found hanging from tree in 2020
साढ़ थाने की भीतरगांव चौकी में रखा ताबूत - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर के भीतरगांव में हत्या या आत्महत्या में उलझे एक मानव कंकाल का 45 माह बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका। यह कंकाल 30 सितंबर 2020 को बेहटा-बुजुर्ग गांव के एक खेत में पेड़ की डालियों से बनाए गए फंदे से लटका मिला था। पोस्टमार्टम हाउस से कंकाल साढ़ पुलिस को दे दिया गया था। कहा गया था कि जब तक डीएनए रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक कंकाल को सुरक्षित रखना है। तब से लकड़ी के ताबूत में बंद इस मानव कंकाल की पुलिस हिफाजत कर रही है।

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साढ़ थाने की भीतरगांव चौकी के तत्कालीन प्रभारी राजेश बाजपेई बताते हैं कि बेहटा-बुजुर्ग के एक खेत किनारे नीम के पेड़ से शव लटके होने की सूचना मिली थी। पेड़ अहमद हसन के खेत किनारे था। नीम के ऊपर डालियों के बीच फंदे में फंसी लाश में सिर्फ कंकाल बचा था। पेड़ के नीचे नौ नंबर साइज की नीली पुरानी चप्पलें पड़ी मिलीं थीं। कंकाल के ऊपर शर्ट-पैंट था।

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पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारियों ने कंकाल रखने से कर दिया था मना
राजेश बाजपेई बताते हैं कि पंचायतनामा होने के बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया, जहां कंकाल से सैंपल निकाल डीएनए जांच के लिए विधि विज्ञान विभाग प्रयोगशाला झांसी भेजा गया था। इसके बाद कंकाल को सुरक्षित रखने को कहा गया। पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारियों ने कंकाल को वहां रखने से मना कर दिया। तब लकड़ी का ताबूत बनाकर कंकाल को वापस भीतरगांव चौकी के एक कमरे में रखना पड़ा। तब से आज भी पुलिस कस्टडी में कंकाल रखा है।

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डर से सिपाहियों ने चौकी के बाहर बनाया था निवास
चौकी के जिस कमरे में ताबूत रखा गया था, उस कमरे में रात की तो बात छोड़िए, दिन में भी पुलिसकर्मी का आना जाना बंद हो गया था। पुलिसकर्मियों का कहना था कि अजीब से आवाजें आती हैं। इसके बाद पुलिसकर्मी कस्बे में रूम लेकर रहने लगे थे। वर्ष 2022 के बाद चौकी में आए दो कांस्टेबलों ने ताबूत को कमरे से निकालकर सीढ़ियों पर रख दिया। तब से वहीं रखा है।

पहचान न हो पाने से किसी ने दावा भी नहीं किया
शव के रूप में केवल कंकाल मिला था। यह करीब 20-25 दिन पुराना था। इस वजह से मरने वाले की पहचान नहीं हो सकी थी। इसके चलते किसी ने शव पर दावा नहीं किया था। पुलिस ने आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी, अपहरण आदि मामलों की भी जांच कराई थी, लेकिन शव के बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका था।

कंकाल इतने समय से चौकी में क्यों रखा गया, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।  -विपिन मिश्रा, एडिशनल पुलिस कमिश्नर, क्राइम/मुख्यालय

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