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शादी के ढाई साल बाद इस बात पर गर्भवती पत्नी को कांस्टेबल ने दी थी दर्दनाक मौत, अब मिली सजा

Fri, 05 Jul 2019 10:29 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 05 Jul 2019 10:29 PM IST
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police constable brutality killed his pregnant wife
गर्भवती पत्नी की सिपाही ने की थी बेरहमी से हत्या (फाइल फोटो) - फोटो : shutterstock

कानपुर में शादी के ढाई साल बाद तीन लाख रुपये के लिए गर्भवती पत्नी की हत्या करने वाले कांस्टेबल पति को कोर्ट ने 20 साल कारावास की सजा सुनाई है। सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सबूतों के अभाव में सास-ससुर और ननद को बरी कर दिया गया है।

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बिल्हौर के ब्रह्मनगर निवासी दीपू यादव की बहन विनीता की शादी 18 नवंबर 2010 को कल्याणपुर के गुबा गार्डन के ऋषिपाल सिंह से हुई थी।  ऋषिपाल फर्रुखाबाद में पुलिस की सर्विलांस टीम में कांस्टेबल था। 21 जून 2013 को दीपू ने कल्याणपुर थाने में बहन के पति, सास-ससुर और ननद के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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इसमें आरोप लगाया गया था कि दहेज में तीन लाख रुपये न मिलने पर विनीता की हत्या कर दी गई। विनीता का शव फंदे से लटका मिला था। एडीजीसी प्रदीप वाजपेई ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट की पुष्टि हुई थी।

सास उर्मिला और ससुर राजीव यादव कन्नौज में अलग रहते थे, जबकि ननद नोएडा की कंपनी में काम करती थी और वहीं रहती थी। इसी आधार पर अपर जिला जज पंचम संजय कुमार वर्मा ने तीनों को दोषमुक्त करार दिया, जबकि कांस्टेबल को 20 साल कैद की सजा सुनाई।

माता-पिता मुकरे
विनीता के भाई दीपू ने कोर्ट में दहेज प्रताड़ना की बात कही, लेकिन उसके बाद विनीता की मां वेदरानी और पिता सियाराम ने कोर्ट में दहेज प्रताड़ना की बात से इनकार कर दिया था। 

जीडी में कराया था खेल
पुलिस में होने का फायदा उठाते हुए कांस्टेबल ऋषिपाल ने जीडी में भी खेल कराया। घटना के दिन उसने जीडी में एसओजी टीम के साथ रवानगी की एंट्री कराई थी। कोर्ट ने कहा कि सामान्यत: सर्विलांस टीम का सिपाही एसओजी के साथ नहीं जाता। घटना के दिन के अलावा ऋषिपाल उससे पहले एसओजी के साथ नहीं गया। इससे साफ हो गया कि उसने जीडी में गलत एंट्री कराई थी।

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