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Kanpur News: बच्चों संग हुई क्रूरता पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने झाड़ा पल्ला
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कानपुर। महाराजपुर के गांव में चाची की क्रूरता के मामले में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पल्ला झाड़ लिया है। यूपी 112 में शिकायत करने के दो दिन बाद भी चारों भाई-बहन का मेडिकल नहीं कराया गया। बच्चों को उनके छोटे चाचा-चाची के पास सौंप कर पुलिस ने इतिश्री कर ली। वहीं एसडीएम नरवल व अन्य अधिकारी जायजा लेकर चले गए। चारों को देखने के लिए न ही बाल कल्याण अधिकारी आए और न ही उन्हें बाल कल्याण परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
गुरुवार शाम यूपी 112 को महाराजपुर के एक गांव के 14 वर्षीय किशोर ने सूचना दी थी। उसने आरोप लगाया कि उसकी चाची छोटी बहन को हीटर से जला रही है। कुछ ही देर बाद पीआरवी वाहन और स्टाफ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने 14, 11, 04 साल के तीन भाई और 09 वर्षीय बहन से घटना की जानकारी ली। चारों भाई बहन ने आरोप लगाए कि उन्हें खाना नहीं मिलता है। मांगने पर पिटाई होती है। देर शाम महाराजपुर इंस्पेक्टर राजेश सिंह बच्चों के घर पहुंचे। उन्होंने चाचा चाची को पाबंद करने के साथ बच्चों को छोटे चाचा-चाची के पास हवाले कर दिया।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा, कानूनगो अजीत कुमार सिंह और लेखपाल वीरेंद्र कुमार के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी ली। चाचा-चाची के खिलाफ कार्रवाई करने और बच्चों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने परिवार को गैस सिलिंडर और चूल्हे की व्यवस्था करने, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय राशन कार्ड, मुख्यमंत्री बाल विकास योजना स्कूलों में चारों का दाखिला, यूनिफार्म, कॉपी किताबें, जूते मोजे समेत अन्य सुविधाएं दिलाने का निर्देश दिए। कुछ रुपये भी दिए। शुक्रवार को भी चारों का मेडिकल नहीं हुआ।
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बच्चों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से यहां तक कहा कि उन्हें छोटे चाचा चाची के पास नहीं रहना है। इसके बावजूद चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के सामने प्रस्तुत नहीं किया।
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चारों बच्चों को बाल कल्याण परिषद के सामने प्रस्तुत करने के लिए थानेदार को निर्देशित किया गया था। आखिर क्यों नहीं चारों को ले जाया गया इसकी जानकारी कराई जाएगी।
- सत्यजीत गुप्ता, डीसीपी पूर्वी
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बच्चों को बाल कल्याण परिषद के पास बाल कल्याण अधिकारी के द्वारा प्रस्तुत किया गया जाता है। चारों की चोटें पुरानी हैं इसलिए उनको तुरंत अस्पताल नहीं भेजा गया। सोमवार को बच्चों को परिषद के पास ले जाया जा सकता है।
- अभिषेक पांडेय, एसीपी चकेरी
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गुरुवार शाम यूपी 112 को महाराजपुर के एक गांव के 14 वर्षीय किशोर ने सूचना दी थी। उसने आरोप लगाया कि उसकी चाची छोटी बहन को हीटर से जला रही है। कुछ ही देर बाद पीआरवी वाहन और स्टाफ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने 14, 11, 04 साल के तीन भाई और 09 वर्षीय बहन से घटना की जानकारी ली। चारों भाई बहन ने आरोप लगाए कि उन्हें खाना नहीं मिलता है। मांगने पर पिटाई होती है। देर शाम महाराजपुर इंस्पेक्टर राजेश सिंह बच्चों के घर पहुंचे। उन्होंने चाचा चाची को पाबंद करने के साथ बच्चों को छोटे चाचा-चाची के पास हवाले कर दिया।
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अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा, कानूनगो अजीत कुमार सिंह और लेखपाल वीरेंद्र कुमार के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी ली। चाचा-चाची के खिलाफ कार्रवाई करने और बच्चों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने परिवार को गैस सिलिंडर और चूल्हे की व्यवस्था करने, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय राशन कार्ड, मुख्यमंत्री बाल विकास योजना स्कूलों में चारों का दाखिला, यूनिफार्म, कॉपी किताबें, जूते मोजे समेत अन्य सुविधाएं दिलाने का निर्देश दिए। कुछ रुपये भी दिए। शुक्रवार को भी चारों का मेडिकल नहीं हुआ।
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बच्चों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से यहां तक कहा कि उन्हें छोटे चाचा चाची के पास नहीं रहना है। इसके बावजूद चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के सामने प्रस्तुत नहीं किया।
चारों बच्चों को बाल कल्याण परिषद के सामने प्रस्तुत करने के लिए थानेदार को निर्देशित किया गया था। आखिर क्यों नहीं चारों को ले जाया गया इसकी जानकारी कराई जाएगी।
- सत्यजीत गुप्ता, डीसीपी पूर्वी
बच्चों को बाल कल्याण परिषद के पास बाल कल्याण अधिकारी के द्वारा प्रस्तुत किया गया जाता है। चारों की चोटें पुरानी हैं इसलिए उनको तुरंत अस्पताल नहीं भेजा गया। सोमवार को बच्चों को परिषद के पास ले जाया जा सकता है।
- अभिषेक पांडेय, एसीपी चकेरी