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Kanpur News: अनुशासनहीनता में फार्मासिस्ट दिनेश यादव निलंबित
Sun, 18 Oct 2026 02:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 18 Oct 2026 02:01 AM IST
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कानपुर देहात। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अकबरपुर में प्रतिनियुक्ति पर तैनात फार्मासिस्ट दिनेश कुमार यादव को अनुशासनहीनता में शासन से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मंडलीय कार्यालय अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंडल गोरखपुर में संबद्ध किया गया है। वहीं कॉलेज प्राचार्य ने प्रतिनियुक्ति भी समाप्त कर दी है।
प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि शासन की ओर से मेडिकल कॉलेज में प्रतिनियुक्ति पर तैनात फार्मासिस्ट दिनेश यादव को उनके अनुशासनहीन कृत्य के चलते निलंबित किया गया है। शनिवार शाम को उनको कॉलेज से कार्यमुक्त भी कर दिया गया है। साथ ही मंडलीय कार्यालय अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंडल गोरखपुर में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
प्राचार्य ने बताया कि जुलाई माह में कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह व डॉ. विमल यादव की टेबल पर नोटों की गड्डियों के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसपर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बृजेश पाठक ने तत्कालीन प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह को निलंबित कर दिया था। वहीं डॉ. हरप्रीत सिंह ने फार्मासिस्ट पर बदनाम करने का आरोप लगाए थे। इस मामले में जिले से गई जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन से कार्रवाई हुई है। वहीं डॉ. हरप्रीत और डॉ. विमल यादव की स्थानीय स्तर पर संस्थागत जांच कर रिपोर्ट शासन भेजी जाएगी।
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प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि शासन की ओर से मेडिकल कॉलेज में प्रतिनियुक्ति पर तैनात फार्मासिस्ट दिनेश यादव को उनके अनुशासनहीन कृत्य के चलते निलंबित किया गया है। शनिवार शाम को उनको कॉलेज से कार्यमुक्त भी कर दिया गया है। साथ ही मंडलीय कार्यालय अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंडल गोरखपुर में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
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प्राचार्य ने बताया कि जुलाई माह में कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह व डॉ. विमल यादव की टेबल पर नोटों की गड्डियों के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसपर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बृजेश पाठक ने तत्कालीन प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह को निलंबित कर दिया था। वहीं डॉ. हरप्रीत सिंह ने फार्मासिस्ट पर बदनाम करने का आरोप लगाए थे। इस मामले में जिले से गई जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन से कार्रवाई हुई है। वहीं डॉ. हरप्रीत और डॉ. विमल यादव की स्थानीय स्तर पर संस्थागत जांच कर रिपोर्ट शासन भेजी जाएगी।
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