जीएसटीआर फाइल करने में पीएम मोदी और योगी के गढ़ से आगे है यूपी का ये शहर, कुछ ऐसे हैं आंकड़े
कानपुर जोन के व्यापारियों ने जून माह में सबसे अधिक जीएसटीआर-3 बी दाखिल करके पूरे प्रदेश में खुद को श्रेष्ठ साबित किया है। रिटर्न जमा न करने में कानपुर जोन में सबसे कम करदाता पाए गए हैं। यानी यहां पंजीकृत कुल व्यापारियों में से सबसे अधिक ने रिटर्न दाखिल किया। आगरा इस मामले में दूसरे नंबर पर है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक गढ़ गोरखपुर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी इस मामले में सबसे फिसड्डी हैं। यहां जीएसटीआर फाइल न करने वालों का प्रतिशत सबसे ज्यादा है।
जीएसटी लागू होने के बाद पंजीकृत व्यापारियों से रिटर्न दाखिल करवाना स्टेट जीएसटी अफसरों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा था। कभी वेबसाइट साथ नहीं दे रही थी तो कभी रिटर्न की स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही थी। मई-2019 के रिटर्न की समीक्षा में बीते दो साल में यह पहला मौका आया जब जीएसटीआर-3 बी के नॉन फाइलर में सबसे कम करदाता कानपुर जोन-1 के पाए गए।
मामूली अंतर से आगरा दूसरे नंबर पर है और कानपुर जोन-2 तीसरे नंबर पर है। इन तीनों जोन में नॉन फाइलर (जीएसटीआर फाइन न करने वाले) में एक फीसदी से भी कम अंतर है। कानपुर जोन की इस उपलब्धि पर स्थानीय अफसर गदगद हैं। कानपुर में कुल पंजीकृत डीलरों में से 15.12 फीसदी ने ही रिटर्न दाखिल नहीं किया, जबकि गोरखपुर में 30.66 फीसदी ने रिटर्न नहीं भरा।
जून में बढ़े नॉन फाइलर
प्रदेश भर में कुल 1,51,980 रजिस्टर्ड डीलरों ने जून 2019 का रिटर्न दाखिल नहीं किया है। मई 2019 में रिटर्न न भरने वालों की संख्या 1 लाख 11 हजार 448 ही थी। एक महीने यह संख्या 40, 552 बढ़ गई। रिटर्न दाखिल न होने की वजह से प्रदेश सरकार का राजस्व घट रहा है। ऐसे में इसकी नियमित समीक्षा शुरू की गई।
1-कानपुर जोन -1 15.12 फीसदी
2-आगरा- 15.48 फीसदी
3-कानपुर जोन-2 16.35 फीसदी
4-सहारनपुर 18.20 फीसदी
5-गौतमबुद्धनगर 19.03 फीसदी
रिटर्न दाखिल न करने वाले यहां सबसे अधिक
1-गोरखपुर 30.66 फीसदी
2-वाराणसी जोन-2 29.56 फीसदी
3-गाजियाबाद जोन-2 26.02 फीसदी
4-गाजियाबाद जोन-1 25.70 फीसदी
5-लखनऊ जोन-2 25.56 फीसदी