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Kanpur News: खेत में गिरा बाजरा, मक्का व तिल को भी नुकसान
Sun, 27 Sep 2026 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 27 Sep 2026 12:17 AM IST
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कानपुर देहात/रनियां। बृहस्पतिवार से रुक-रुककर लगातार हो रही बारिश से खरीफ सीजन की फसलों में नुकसान है। कई जगह बारिश के दौरान तेज हवा चलने से बाजरे की फसल खेत में गिर गई है। जबकि अगेती धान की फसल की कटाई के बीच खेत में पानी भरने से काटी गई फसल बर्बाद हो गई। हरी सब्जी की फसल सड़ने की आशंका बनी है। मेहनत व लागत से तैयार फसलों में नुकसान देखकर किसान मायूस हैं।
अतिवृष्टि के चलते खेतों में जलभराव हो गया है। धान की फसल में फिलहाल नुकसान नहीं है लेकिन बाजरा, मक्का, मूंग व तिल की फसलों में भारी नुकसान है। रनियां के विजय द्विवेदी, राजू, अनीश खान, छुट्टन आदि ने बताया कि खेतों में पानी भरा है। दो दिन और बारिश की संभावना है ऐसे में जलमग्न फसलें सड़कर खराब हो जाएगी। सरवनखेड़ा क्षेत्र में भी उर्द, तिल व बाजरे की फसलों में पानी भर गया है। कई खेतों में फसल गिरने से किसानों की कमर टूट गई है। तिलहनी व दलहनी फसलों के अलावा पकी धान की फसल खेत में गिरने से नुकसान है।
सैंथा गांव के गोरेलाल तिवारी ने बताया कि दो बीघे तिल की कटी फसल खेत में पड़ी है। अब बारिश का पानी खेत में भरा है। जिठरौली गांव के विजय शंकर सिंह ने बताया कि चार बीघे बाजरे की तैयार फसल बारिश व तेज हवाओं से जमीन पर लोट गई है। सेरुवा गांव के जय सिंह ने बताया कि चार बीघे धान की पकी खड़ी फसल गिर गई है। मूसानगर क्षेत्र में भी बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। इससे तिल व अन्य फसलों में नुकसान है। मैथा, रसूलाबाद व झींझक क्षेत्र में भी खरीफ सीजन की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। फसलें गिरने से किसान मायूस हैं। प्रांशु पाल, सुरेंद्र आदि ने बताया कि झींझक क्षेत्र में बद्रीपुरवा, खम्हैला, मुंडेरा, औरंगाबाद, गढ़ी समेत कई गांवों में धान और बाजरा के खेतों जलमग्न हो गए हैं। गहराई वाले खेतों में तैयार फसल की स्थिति अधिक खराब है।
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फोटो- 21 वीरेंद्र।
फोटो- 22 रज्जन
अतिवृष्टि में फसलें बर्बाद
धान की फसल इस समय तैयार होने की ओर है। लगातार बारिश से खेत में पानी भर गया है। फसलें बर्बाद हो गई हैं। दाने की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हो गए हैं। कई जगह बाजरा व धान की फसल गिर गई है। - वीरेंद्र।
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बाजरा की फसल में भी पानी भरने से पौधे गिरने लगे हैं। लगातार बारिश से खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। जल निकासी भी संभव नहीं है। तिल की फसल सड़ने की कगार पर है। - रज्जन
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खेत में भरा पानी निकाल दें किसान
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से खेत में पानी भर गया है तो जल निकासी कर दें। ताकि फसलों को खराब होने से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि बारिश से धान में पत्ती लपेटक कीट से छुटकारा मिल गया है। खेत में पानी भरने की स्थिति में बाजरा, उर्द व तिल की फसल में नुकसान है। बाजरा की फसल फूल अवस्था में है। बारिश के चलते यह फूल झड़ने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। जबकि तना छेदक कीट का प्रभाव भी पड़ सकता है। तेज हवा में गिरी फसल में नुकसान है। फिलहाल मक्का की तोड़ाई रुक गई है। पकी फसल बारिश में भीगने से मक्का का दाना प्रभावित होगा। कई दिन तक इसी तरह रुक-रुककर बारिश होती रही तो धान के अलावा खरीफ की अन्य फसलों में नुकसान है।
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अतिवृष्टि के चलते खेतों में जलभराव हो गया है। धान की फसल में फिलहाल नुकसान नहीं है लेकिन बाजरा, मक्का, मूंग व तिल की फसलों में भारी नुकसान है। रनियां के विजय द्विवेदी, राजू, अनीश खान, छुट्टन आदि ने बताया कि खेतों में पानी भरा है। दो दिन और बारिश की संभावना है ऐसे में जलमग्न फसलें सड़कर खराब हो जाएगी। सरवनखेड़ा क्षेत्र में भी उर्द, तिल व बाजरे की फसलों में पानी भर गया है। कई खेतों में फसल गिरने से किसानों की कमर टूट गई है। तिलहनी व दलहनी फसलों के अलावा पकी धान की फसल खेत में गिरने से नुकसान है।
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सैंथा गांव के गोरेलाल तिवारी ने बताया कि दो बीघे तिल की कटी फसल खेत में पड़ी है। अब बारिश का पानी खेत में भरा है। जिठरौली गांव के विजय शंकर सिंह ने बताया कि चार बीघे बाजरे की तैयार फसल बारिश व तेज हवाओं से जमीन पर लोट गई है। सेरुवा गांव के जय सिंह ने बताया कि चार बीघे धान की पकी खड़ी फसल गिर गई है। मूसानगर क्षेत्र में भी बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। इससे तिल व अन्य फसलों में नुकसान है। मैथा, रसूलाबाद व झींझक क्षेत्र में भी खरीफ सीजन की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। फसलें गिरने से किसान मायूस हैं। प्रांशु पाल, सुरेंद्र आदि ने बताया कि झींझक क्षेत्र में बद्रीपुरवा, खम्हैला, मुंडेरा, औरंगाबाद, गढ़ी समेत कई गांवों में धान और बाजरा के खेतों जलमग्न हो गए हैं। गहराई वाले खेतों में तैयार फसल की स्थिति अधिक खराब है।
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फोटो- 21 वीरेंद्र।
फोटो- 22 रज्जन
अतिवृष्टि में फसलें बर्बाद
धान की फसल इस समय तैयार होने की ओर है। लगातार बारिश से खेत में पानी भर गया है। फसलें बर्बाद हो गई हैं। दाने की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हो गए हैं। कई जगह बाजरा व धान की फसल गिर गई है। - वीरेंद्र।
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बाजरा की फसल में भी पानी भरने से पौधे गिरने लगे हैं। लगातार बारिश से खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। जल निकासी भी संभव नहीं है। तिल की फसल सड़ने की कगार पर है। - रज्जन
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खेत में भरा पानी निकाल दें किसान
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से खेत में पानी भर गया है तो जल निकासी कर दें। ताकि फसलों को खराब होने से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि बारिश से धान में पत्ती लपेटक कीट से छुटकारा मिल गया है। खेत में पानी भरने की स्थिति में बाजरा, उर्द व तिल की फसल में नुकसान है। बाजरा की फसल फूल अवस्था में है। बारिश के चलते यह फूल झड़ने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। जबकि तना छेदक कीट का प्रभाव भी पड़ सकता है। तेज हवा में गिरी फसल में नुकसान है। फिलहाल मक्का की तोड़ाई रुक गई है। पकी फसल बारिश में भीगने से मक्का का दाना प्रभावित होगा। कई दिन तक इसी तरह रुक-रुककर बारिश होती रही तो धान के अलावा खरीफ की अन्य फसलों में नुकसान है।